जयंत सिंह का आरोप है कि वह अस्पताल को MRI और सीटी स्कैन करने को कह रहे थे लेकिन अस्पताल उन्हें दवाइयां दे रहा था। 14 सितंबर को जब MRI की गई तो डॉक्टरों ने कहा कि बच्ची का 80 फीसदी ब्रेन डैमेज हो चुका है।
उसे अब बॉडी प्लाजमा ट्रांसप्लांट की जरूरत है, जिसमें 16 लाख रुपए लगेंगे। सात साल की आद्या की उसी दिन मौत भी हो गई थी। अस्पताल ने इलाज के लिए 15,79,322 रुपए का बिल थमा दिया अलग से।
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