ट्रिगर न्यूजधोखा-धड़ी

Fortis Hospital की लैण्ड लीज कैन्सिल,FIR अलग से

[tta_listen_btn listen_text="खबर सुनें" pause_text="Pause" resume_text="Resume" replay_text="Replay" start_text="Start" stop_text="Stop"]
बच्ची के मरने के बाद भी 16 लाख का बिल तैयार करने वाला गुरूग्राम फोर्टिस अस्पताल
बच्ची के मरने के बाद भी 16 लाख का बिल तैयार करने वाला गुरूग्राम फोर्टिस अस्पताल

एसएचओ बगैर जॉंच के तो आम आदमी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सकते हैं। यहॉं तो मामला इतने बड़े Fortis Hospital का है। एफआईआर दर्ज करने से पहले अस्पताल जॉंच करने जायेंगे तो खातिरदारी होगी,और भी कुछ हो सकता है। इसलिए बगैर जॉंच के एफआईआर कैसी?

शिकायत में जयतं सिंह ने अस्पताल को गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया है। अस्पताल ने उनकी बेटी के इलाज में आपराधिक लापरवाही की है। इसके अलावा जयंत सिंह ने अस्पताल पर जालसाजी, धोखाधड़ी और बेइमानी का भी आरोप लगाया है।

बच्ची की हत्या गैर-इरादतन कहॉं है? केवल मोटा बिल वसूलने के लिए ऐसे अस्पतालों में ऐसी कहानियॉं रची जाती हैं। इलाज ना करके केवल जालसाजी, धोखाधड़ी और बेईमानी करना ही ऐसे अस्पतालों का मकसद बन गया है।

राज्‍यों से जुड़ी हर खबर और देश-दुनिया की ताजा खबरें पढ़ने के लिए नार्थ इंडिया स्टेट्समैन से जुड़े। साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप को डाउनलोड करें।
Previous page 1 2 3 4Next page

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button