सारे निर्णय राहुल गांधी के संकेत पर ही होते थे। अभी हाल ही में मणिशंकर अय्यर को नीच शब्द के प्रयोग करने पर राहुल गांधी ने ही पार्टी से निकाला था। इसलिए यह आसानी से कहा जा सकता है कि राहुल भले ही पहले कांग्रेस (Congress) प्रमुख के पद पर नहीं थे, लेकिन वह प्रमुख जैसे ही थे।
शनिवार से कांग्रेस के भीतर राहुल राज का प्रारंभ हो गया है, इसलिए कांग्रेस (Congress) में ऐसी संभावनाओं को काफी बल मिलने लगा है कि राहुल राज में कांग्रेस का विकास हो सकेगा।
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