2. हरियाणा, आंध्र प्रदेश, छत्तीेसगढ़ और दादरा और नागर हवेली में बच्चों को 2019 में न्याय मिल सकता है।

3. उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बाल यौन शोषण के शिकार बच्चे 2026 में न्याय की उम्मीद कर सकते हैं। दिल्ली और बिहार के बच्चों को न्याय के लिए 2029 तक इंतजार करना पड़ेगा। वहीं, महाराष्ट्र् में इसके लिए बच्चों को 2032 तक इंतजार करना पड़ेगा।

4. केरल के बच्चोंं को 2039 तक, मणिपुर के बच्चों को 2048 तक और अंडमान निकोबार के बच्चों को 2055 तक न्याय के लिए इंतजार करना पड़ेगा।

5. गुजरात और अरुणाचल प्रदेश के बच्चों को न्याय के लिए काफी लंबा और दुखद इंतजार करना पड़ेगा। गुजरात में न्याय के लिए जहां 2071 तक इंतजार करना पड़ेगा, वहीं अरुणाचल प्रदेश में इसके लिए 2117 तक इंतजार करना पड़ेगा।

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