मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श के दौरान गेट्स ने कहा कि क्षय रोग नियंत्रण हेतु उनकी संस्था राज्य सरकार के साथ काम करने की इच्छुक है। इसमें निजी क्षेत्र की भी भागीदारी प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि फोर्टिफाइड राइस के माध्यम से जहां एक ओर खून की कमी को दूर किया जा सकता है, वहीं दूसरी ओर नवजात शिशुओं के लिए स्तनपान के महत्व को रेखांकित करके उनकी प्रतिरक्षण क्षमता में वृद्धि भी की जा सकती है।
उन्होंने रीप्रोडक्टिव हेल्थ एवं बर्थ स्पेसिंग टेक्नोलाॅजी के क्षेत्र में अपनी संस्था के कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में सिटी सैनिटेशन प्लान के अंतर्गत उन्नाव में गंगा नदी के तट पर एक पाइलेट परियोजना की स्थापना में भी उनकी संस्था सहयोग प्रदान करने की इच्छुक है।
कृषि क्षेत्र में स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक के माध्यम से मृदा परीक्षण एवं अधिक उत्पादकता वाले बीजों के प्रसार हेतु भी उनकी संस्था राज्य सरकार को सहयोग प्रदान करना चाहेगी। इस अवसर पर माइक्रोसाॅफ्ट के साथ डिजिटल डैश बोर्ड के सम्बन्ध में भी चर्चा हुई।
Back to top button