मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार समय से वैक्सिनेशन के माध्यम से काफी हद तक जे0ई0 पर नियंत्रण करने की दिशा में काम कर रही है। कुपोषण की समस्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रयोग से इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाने का प्रयास किया जा रहा है।
‘शबरी संकल्प योजना’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण की व्यापकता के आधार पर चिन्हित किए गए 39 जनपदों में इस योजना को बाल विकास एवं पुष्टाहार, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पंचायती राज, ग्राम्य विकास तथा खाद्य विभाग के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
इसके तहत शून्य से तीन वर्ष आयु वर्ग के कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों के वजन की काॅल सेण्टर के माध्यम से मासिक टैªकिंग करते हुए, ऐसे बच्चों एवं परिवारों को जरूरी सेवाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। इसका अनुश्रवण ई-शबरी पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 02 लाख आंगनबाड़ी केन्द्रों में 04 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद हैं। उन्होंने अपेक्षा की कि संस्था ऐसी तकनीक एवं साॅफ्टवेयर विकसित कराने में सहयोग प्रदान करेगी, जिसके माध्यम से इन आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले बच्चों एवं महिलाओं की स्वास्थ्य सम्बन्धी स्थिति की सतत् ट्रेकिंग की जा सके।
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