वैश्विक निवेश को जमीन पर उतारना प्राथमिकता, बोले CM योगी- MOU से मैन्युफैक्चरिंग तक सरकार निवेशकों के साथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर उत्पादन शुरू कराना है। ‘एमओयू से मैन्युफैक्चरिंग’ और ‘ग्राउंडब्रेकिंग से प्रोडक्शन’ तक उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि सिंगापुर की तकनीक और उत्तर प्रदेश का सामर्थ्य मिलकर वैश्विक विकास की नई इबारत लिखेंगे।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राजधानी में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के नेतृत्व में आए 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इसमें लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, अर्बन प्लानिंग और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। यह प्रतिनिधिमंडल फरवरी 2026 में मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा के बाद प्रदेश पहुंचा है। योगी ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ छवि से निकलकर देश के ग्रोथ इंजन के रूप में उभरा है। प्रदेश की जीडीपी, वार्षिक बजट और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई है। देश के कुल मोबाइल उत्पादन का करीब 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का 60 प्रतिशत निर्माण उत्तर प्रदेश में हो रहा है। फरवरी में सिंगापुर यात्रा के दौरान लगभग 60,000 करोड़ के निवेश समझौतों पर सहमति बनी थी। अब इन प्रस्तावों को जमीन पर उतारने पर ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, क्लाउड सर्विसेज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लीन टेक्नोलॉजी में साझेदारी पर जोर दिया गया। पर्यटन क्षेत्र में अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज और बौद्ध सर्किट में विश्वस्तरीय होटल व कन्वेंशन सेंटर विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-8डी में 775 करोड़ की लागत से प्रस्तावित ‘यूनिवर्सल पैकेजिंग हब’ के लिए मेसर्स ग्रेटर नासिक इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को पात्रता प्रमाणपत्र सौंपा। 50 एकड़ में प्रस्तावित इस परियोजना से 1,880 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मार्क ली ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे और निवेश-अनुकूल नीतियों की सराहना की।
जेवर के पास ‘सिंगापुर सिटी’ का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क और ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ा यह क्षेत्र उत्तर भारत का प्रमुख सप्लाई चेन हब बन सकता है। प्रदेश में 75 हजार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है और 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
तीन परियोजनाओं से निवेश और रोजगार को बढ़ावा
• यूनिवर्सल पैकेजिंग हब: यीडा के सेक्टर-8डी में 50 एकड़ भूमि पर ₹775 करोड़ का निवेश प्रस्तावित। 1,880 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना।
• एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल: सोया प्रोटीन आइसोलेट और चना प्रोटीन कंसंट्रेट के उत्पादन के लिए ग्रीनफील्ड विनिर्माण इकाई स्थापित करने को एमओयू।
• ब्लू प्लैनेट: 250 से 350 करोड़ के अनुमानित निवेश से नोएडा में पुराने कचरे का उपचार और सहारनपुर में प्रतिदिन 350 टन क्षमता का ताजा कचरा प्रसंस्करण संयंत्र प्रस्तावित। इससे 100 से 120 रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान।



