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चीन -अब बायोलॉजिकल एक्सपेरिमेंट चीनी मां के गर्भ में पल रहे बच्चे का बदलेंगे DNA

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चीन हमेशा से नए-नए एक्सीपेरिमेंट करने के लिए जाना जाता है। इस बार भी ड्रेगन अपने एक नए एक्सीपेरिमेंट के लिए काफी चर्चे में है। और वह है बायोलॉजिकल एक्सपेरिमेंट। जी हां, बायोलॉजिकल एक्सपेरिमेंट से चीन दुनिया को हैरान कर देने वाला है। बता दें कि चीन अब मां में पल रहे बच्चे के अंदर ही अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाएगा।

इस एक्सीपेरिमेंट के तहत जन्म से पहले ही बच्चों के DNA के डेटा इक्ट्ठा करेगा। और उसमें Gene Correction करेगा। अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए चीन ऐसे एक्सीपेरिमेंट कर रहा है। चीन की एक पेरेंटल कंपनी BGI Group और चीन की पीपुल्स लिबेरेशन आर्मी इस एक्सीपेरिमेंट में साथ काम कर रही है। BGI ग्रुप ने एक स्टडी की है। जिसके मुताबिक, इस एक्सीपेरिमेंट को करने के लिए चीन दुनिया के कई देशों की गर्भवती महिलाओं के जेनेटिक डेटा पर रिसर्च कर रहा है।

अब सवाल यह है कि क्या चीन के इस एक्सीपेरिमेंट से भारत और अमेरिका पर खतरा बढ़ जाएगा। बता दें कि इस एक्सीपेरिमेंट के जरिए अनुवांशिक तौर पर कई अच्छे और जांबाज सैनिक तैयार कर सकता है। बता दें कि इस रिसर्च का केवल एक ही मकसद है। ड्रेगन ने अपने एक रिसर्च में बताया है। कि सैनिकों के जीन में परिवर्तन किया जाएगा। और इन सेनाओं को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित करेगा।

चर्चा का विषय बना हुआ चीन का यह एक्सपेरिमेंट अब अमेरिका और भारत के लिए खतरा बढ़ा सकता है। इसी के देखते हुए अब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन को चेताया है। और कहा है कि BGI Group जिस किसी भी महिलाओं के जीनोमिक डेटा का आर्टिफिशियन डेटा के साथ रिसर्च कर रहा है। उसका फायदा चीन के सैनिक को मिल सकता है। यह एक खतरा है। और आगे यह भी संभावना है। कि चीन आने वाले समय में ग्लोबल इंडस्ट्री पर कब्जा कर सकता है।

 

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