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प्रदेश के 34 जनपदों के 100 आकांक्षात्मक विकास खंडों का चयन पूर्ण

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से आकांक्षात्मक जनपदों की तर्ज पर राज्य सरकार ने आकांक्षात्मक विकास खंडों के सामाजिक-आर्थिक सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार की है। प्रदेश के 34 जनपदों के 100 आकांक्षात्मक विकास खंडों का चयन पूर्ण हो गया है। इन आकांक्षात्मक विकास खंडों के समग्र विकास के लिए स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास तथा आधारभूत संरचना आदि क्षेत्रों के तय 75 इंडिकेटर के आधार पर प्रयास किए जाएं।

मुख्यमंत्री आज अपने सरकारी आवास पर 100 आकांक्षात्मक विकास खंडों की प्रगति के अनुश्रवण के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मई, 2022 को बेसलाइन मानते हुए वर्तमान माह के अंत तक चयनित इंडिकेटर पर ब्लॉकवार अद्यतन सूचनाएं एकत्रित कर ली जाएं। प्रत्येक माह की 15 तारीख तक संबंधित जिलों द्वारा अद्यतन प्रगति विवरण फीड कर लिया जाए। इसकी पुष्टि संबंधित विभागों द्वारा भी कराई जाए। इसकी प्रगति को सी0एम0 डैशबोर्ड से भी जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खंडों का विकास हमारी प्राथमिकता में है। यहां मैनपॉवर की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि इन विकास खंडों में बी0डी0ओ0, खंड शिक्षा अधिकारी, ए0डी0ओ0 (पंचायत), सी0डी0पी0ओ0, पशु चिकित्सा अधिकारी, राजस्व कर्मी आदि की तैनाती रहे। इन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत युवा, ऊर्जावान और विजनरी अधिकारियों की तैनाती की जानी चाहिए .

मुख्यमंत्री ने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खंडों की सतत मॉनीटरिंग और वास्तविक स्थिति के सटीक आकलन के लिए विशिष्ट फेलोशिप कार्यक्रम शुरू किया जाए। तकनीकी/प्रबंधन डिग्रीधारी युवाओं के लिए यह एक शानदार अवसर होगा। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए युवाओं का चयन पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से किया जाए। शैक्षिक संस्थानों से सीधे युवाओं का चयन किया जा सकता है। इनकी तैनाती 02 वर्ष के लिए की जाए। मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के अंतर्गत इन युवाओं को अच्छी मासिक अध्येतावृत्ति दी जाए। इन्हें टैबलेट/स्मार्टफोन आदि तकनीकी उपकरण भी प्रदान किए जाएं। इनके निवास के लिए विकास खंड मुख्यालय पर आवास की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खंडों में कार्य करने का यह अवसर प्रदेश के युवाओं को विकास के क्षेत्र में मूल्यवान अनुभव प्रदान करने, युवा नेतृत्व को विकसित करने, लोक प्रशासन के बारे में उनकी समझ को मजबूत करने और उन्हें भविष्य में नेतृत्व की भूमिकाओं हेतु तैयार करने में उपयोगी होगा। कार्यक्रम से शोधार्थियों को विकास के विभिन्न क्षेत्रों को समझने तथा उनमें सहयोग करने का सुअवसर प्राप्त होगा, जो उनके भविष्य निर्माण में भी सहायक होगा। मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के अंतर्गत शोधार्थियों को प्रदेश सरकार के साथ नीति, शासन, प्रबन्धन, क्रियान्वयन तथा अनुश्रवण के कार्यों में सहभागिता का विशिष्ट अवसर प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खंडों में बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शौचालय, आंगनबाड़ी केंद्र, हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर की स्थापना की जाए। इन विकास खंडों के समग्र विकास के लिए आई0आई0टी0 और आई0आई0एम0 के विद्यार्थियों का सहयोग लिया जाए। राज्य सरकार के प्राविधिक एवं तकनीकी विश्वविद्यालयों/संस्थानों के छात्रों को भी इससे जोड़ा जाए। संबंधित जनपद के मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया जाए। यह नोडल अधिकारी विकास खंड में होने वाले विकास कार्यों, उपलब्ध कराए जा रहे डेटा की शुचिता और वास्तविकता के प्रति जवाबदेह होगा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री प्रशान्त त्रिवेदी, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास श्री अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना श्री संजय प्रसाद एवं सचिव नियोजन एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन श्री आलोक कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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