धोखा-धड़ी
PNB का महाघोटाला:सरकारें बनीं भक्षक की रक्षक
आखिरकार ऐसी अण्डरटेकिंग को काउन्टर चेक या कन्फर्म करने की व्यवस्था क्यों नहीं है? जिस तरह बैंक ड्राफ्ट जारी किये जाते हैं, वही प्रक्रिया लेटर आॅफ क्रेडिट जारी करने के लिए क्यों नहीं अपनाई जाती? बाकायदा लिखित रूप से उसके सत्यापन की व्यवस्था बैंकों ने इसीलिए नहीं रखी है कि लम्बा फ्राड किया जा सके।




