क्या कर रही है RBI और उसके निदेशक, जो कि इन नेशनलाइज्ड बैंक के निदेशक मण्डल में रखे जाते हैं। क्या केवल मौज मस्ती और धोखाधड़ी कराने के लिए ही उन्हें RBI की तरफ से निदेशक बनाये जाने का प्राविधान किया गया है।
pnb-nirav modi-देखने से ही धूर्त लगता है।
इस जालसाजी के सामने आने के बाद PMLA की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वित्त मंत्रालय के निर्देश मिलने के बाद CBI ने मामला दर्ज कर लिया है। यही नहीं,SEBI भी न सिर्फ बैंक बल्कि शेयर बाजार में लिस्टेड कई कंपनियों के खिलाफ जानकारी छिपाने के मामले में जांच शुरू करेगी।
PNB की मुंबई की ब्रीच कैण्डी शाखा का एक कर्मचारी हीरा कंपनियों को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LOU) प्रदान करता था ताकि वे दूसरे बैंकों से safely ओवरसीज कर्ज हासिल कर सकें। वित्तीय सचिव राजीव कुमार का कहना है कि ‘हीरा कंपनी यह एलओयू किसी अन्य भारतीय बैंक की विदेशी शाखा को देती थी। यह पूरा फर्जीवाड़ा करीब 11,400 करोड़ रुपये का है।