
भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों में नया अध्याय! ट्रंप सरकार ने ‘ऐतिहासिक’ समझौते की शर्तों का किया खुलासा
व्हाइट हाउस ने भारत और अमेरिका के बीच होने वाले ‘द्विपक्षीय व्यापार समझौते’ (BTA) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “ऐतिहासिक अंतरिम समझौते” के लिए एक आधिकारिक ‘फैक्ट शीट’ जारी की है। इस दस्तावेज़ के अनुसार, आने वाले हफ्तों में दोनों देश एक पारस्परिक रूप से लाभकारी ढांचे को अंतिम रूप देंगे, जिससे अमेरिकी उत्पादों के लिए 1.4 अरब की आबादी वाले भारतीय बाजार के द्वार खुलेंगे।
इस ‘फैक्ट शीट’ में उल्लेख किया गया है कि भारत ने अपनी व्यापारिक बाधाओं को कम करने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कई बड़े कदम उठाने का वादा किया है:
भारी निवेश और खरीद: भारत ने ऊर्जा, कोयला, कृषि और सूचना प्रौद्योगिकी (ICT) जैसे क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।
शुल्क में कटौती: भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कृषि उत्पादों (जैसे रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे फल, दालें, सोयाबीन तेल और वाइन) पर लगने वाले उच्च शुल्क को या तो समाप्त करेगा या काफी कम करेगा।
रूसी तेल और शुल्क छूट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “रूसी तेल की खरीद रोकने” की प्रतिबद्धता के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के आयात पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क को हटाने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं।
पारस्परिक टैरिफ: द्विपक्षीय व्यापार में असंतुलन को कम करने के लिए, अमेरिका भारत पर जवाबी शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने कहा है कि आने वाले हफ्तों में अमेरिका और भारत व्यापार पर अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे ताकि पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) संपन्न किया जा सके। ‘व्हाइट हाउस’ ने एक दस्तावेज (फैक्ट शीट) में कहा कि दोनों देश सेवाओं एवं निवेश, श्रम तथा सरकारी खरीद सहित शेष मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत जारी रखेंगे।
भारत और अमेरिका के पारस्परिक एवं लाभकारी व्यापार से संबंधित अंतरिम समझौते के ढांचे की संयुक्त घोषणा के कुछ दिन बाद व्हाइट हाउस ने ‘‘अमेरिका और भारत ने ऐतिहासिक व्यापार समझौते (अंतरिम समझौता) की घोषणा की’’ शीर्षक से एक दस्तावेज (फैक्ट शीट) जारी किया। इसमें समझौते की प्रमुख शर्तों को उल्लेख किया गया है जैसे कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं एवं अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या घटाएगा।
इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं। साथ ही भारत ने अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने तथा ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।



