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रोड रेज के मामले में फंस सकते हैं Navjot Singh Sidhu
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हाईकोर्ट ने Navjot Singh Sidhu को दोषी करार दिया था। पंजाब सरकार और पीड़ित परिवार की तरफ से मामला दर्ज करवाया गया था। इस मामले में सिद्धू को 1999 में बड़ी राहत मिली, जब सेशन कोर्ट ने सबूतों के अभाव में केस को खत्म कर दिया।
सेशन कोर्ट के इस फैसले के बाद साल 2002 में पंजाब सरकार ने Navjot Singh Sidhu के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की। इस मामले की सुनवाई के बीच साल 2004 में सिद्धू ने राजनीति में एंट्री की और अमृतसर से बीजेपी के सांसद चुन लिए गए।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दिसंबर 2006 में Navjot Singh Sidhu और उनके दोस्त को दोषी माना और उनको 3-3 साल की सजा सुनाई। इसके खिलाफ सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
जनवरी 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू की सजा पर रोक लगा दी। इसके बाद से मामला सुप्रीम कोर्ट में है। इस मामले को Navjot Singh Sidhu भूले बैठे थे। कांग्रेस में आने और मंत्री बनने के बाद वो भूल गये कि उनके हाथों एक बुजुर्ग की हत्या भी हुई है, जिसकी भरपाई उन्हें इसी पृथ्वी पर करनी है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस मामले पर फैसला आ सकता है, जिसमें उन्हें सजा भी हो सकती है।
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