वित्त मंत्री जेटली ने कहा है कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को औपचारिकता के दायरे में लाने के लिए जो कदम उठाये हैं, उनके चलते नकदी के स्थान पर डिजिटल ट्रांजेक्शन तेजी से बढ़ रहा है।
SBI
NIS Digital Team का कहना है कि—डिजीटल ट्रांजेक्शन मजबूरी में बढ़ रहा है। क्योंकि आपने कैश के प्रवाह पर इस तरह से डराकर अंकुश लगाया है कि उसके परिणाम आपको सुखद महसूस नहीं होंगे। आपने बैंकों को प्राइवेट साहूकारों की श्रेणी में ला खड़ा किया है।
चेक बुक की एक लीफ के बैंकें चार रूपये वसूलती हैं। किसी ग्राहक को जरूरत है सिर्फ दस लीफ की, बैंकें 25 और 50 लीफ वाली चेकबुक जारी करती हैं। हर कार्य के चार्जेज बैंकों ने लेने शुरू कर दिये हैं।