हेगड़े के निधन के बाद लिंगायतों ने बीजेपी के बीoएसo येदियुरप्पा को अपना नेता चुना और 2008 में येदियुरप्पा राज्य के सीएम बने। जब बीजेपी ने येदियुरप्पा को सीएम पद से हटाया तो 2013 चुनाव में लोगों ने बीजेपी से मुंह मोड़ लिया।
आगामी विधानसभा चुनावों में येदियुरप्पा को एक बार फिर से बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित करने की यही वजह है कि लिंगायत (Lingayat) समाज में उनका मजबूत जनाधार है। लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देकर कांग्रेस ने येदियुरप्पा के जनाधार को कमजोर करने की बहुत बड़ी चाल चली है।