विविध

Lingayat समुदाय को अलग धर्म की मान्यता

वहीं लिंगायतों (Lingayat) का मनना है कि वीरशैव लोगों का अस्तित्व बासवन्ना के उदय से भी पहले का है और वीरशैव भगवान शिव की पूजा करते हैं। लिंगायत (Lingayat) समुदाय के लोगों का कहना है कि वे शिव की पूजा नहीं करते बल्कि अपने शरीर पर इष्टलिंग धारण करते हैं।

यह एक गेंदनुमा आकृति होती है, जिसे वे धागे से अपने शरीर से बांधते हैं। लिंगायत इष्टलिंग को आंतरिक चेतना का प्रतीक मानते हैं। अस्सी के दशक में लिंगायतों ने राज्य के रामकृष्ण हेगड़े पर भरोसा जताया। जब लोगों को लगा कि जनता दल स्थायी सरकार देने में विफल है तो उन्होंने कांग्रेस के वीरेंद्र पाटिल का समर्थन किया।

1989 में कांग्रेस की सरकार बनी और पाटिल सीएम चुने गए, लेकिन एक विवाद के चलते राजीव गांधी ने पाटिल को एयरपोर्ट पर ही सीएम के पद से हटा दिया। जिसके बाद लिंगायत (Lingayat) समुदाय ने कांग्रेस से मुंह मोड़ लिया और फिर से हेगड़े को समर्थन दे दिया।

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