बच्चों की सुरक्षा, आज़ादी, और शिक्षा, सामूहिक प्रयासों और दृढ़ संकल्प के बिना प्राप्त नहीं की जा सकती। आज हमारे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, इसलिए मेरे नजरिए से मानवता ही सुरक्षित नहीं है। रोज ही अनेक बच्चे युद्धों, आपदाओं और मानव तस्करी के संगठित अपराध के कारण अपने घरों,परिवारों, शिक्षा और भविष्य से वंचित हो रहे हैं।
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इसे रोकना ही होगा। राजनैतिक इच्छाशक्ति दृढ़ बनाने के लिए इसकी तत्काल ज़रूरत, सामूहिक जिम्मेदारी, और प्रबल नैतिक सहमति को रेखांकित करना, लॉरेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रन और समिट का बुनियादी विचार है।
भारत में प्रथम सम्मेलन के बाद, ओईसीडी के महासचिव एंजेल गुरिया ने समावेशी वृद्धि के अपने मापकों और सूचकों में बाल कल्याण को समावेशित करने की प्रतिबद्धता जाहिर की और गुलामी की तत्काल समाप्ति तथा सभी बच्चों को शिक्षित बनाने के लिए तत्काल कार्रवाई की ज़रूरत पर जोर देते हुए, जी-20 समिट-2017 में दुनिया भर की सरकारों से लॉरेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रन को समर्थन देने का आह्वान किया।
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