जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सेना की फायरिंग के दौरान तीन पत्थरबाजों की मौत के मामले में सेना ने कुछ हद तक सही पहल की है। जहां एक ओर 10-गढ़वाल राइफल के सैनिकों को जम्मू-कश्मीर पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर में आरोपी बनाया गया है, वहीं दूसरी ओर अब सेना ने भी पत्थरबाजी कर रहे लोगों के खिलाफ काउंटर एफआईआर दर्ज कराई है।
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मेरा सुझाव है कि सेना को एक एफआईआर, 10-गढ़वाल राइफल के मुख्यालय पर IPC की धारा-307 के तहत दर्ज करानी चाहिए। कश्मीर में पोस्ट इस टुकड़ी को 10-गढ़वाल राइफल रेजीमेन्ट का एक हिस्सा ब्रान्च मानते हुए वहॉं उनके साथ की गई पत्थरबाजी के लिए उन सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ IPC की धारा अटैम्प्ट टू मर्डर का केस दर्ज होना चाहिए। जिसका सज्ञान हिन्दुस्तान की कोर्ट लेगी और उसी के तहत उन पत्थरबाजों की भी गिरफ्तारी के लिए वारण्ट जारी होने चाहिए।