उत्तर प्रदेश

स्वास्थ्य विभाग ने प्रमोशन देकर अगले दिन 3 चिकित्सकों को कर दिया रिटायर

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लखनऊ : स्वास्थ्य विभाग में बीते मंगलवार को डॉक्टरों को मिलने वाली प्रमोशन में तीन डॉक्टर सेवानिवृत्ति भी हो गए. इन डॉक्टरों में बलरामपुर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अतुल मेहरोत्रा भी शामिल हैं. डाॅ. मेहरोत्रा को बुधवार को शासकीय नियमों के अनुसार पद छोड़ना था, उनको विदाई मिल गई है. इसके अलावा परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत डॉ. मंजू रानी और डॉ. सुमाता तालीब ग्रेड चार में होने की वजह से नियनित सेवानिवृत्त हो गए हैं.

दरअसल, नए नियमों में 62 साल के बाद ग्रेड चार तक के डॉक्टर 65 साल तक चिकित्सकीय सेवाएं देंगे, लेकिन प्रशासनिक पदों पर सेवाएं नहीं दे सकेंगे. विभाग में ग्रेड पांच व अन्य ऊपरी ग्रेड में सभी पद प्रशासनिक पद हैं. इसलिए ग्रेड पांच के डॉक्टरों को 62 साल में ही अनिवार्य सेवानिवृत्त देने का प्रावधान है. मंगलवार को ग्रेड चार से ग्रेड पांच में 44 डॉक्टरों को प्रमोशन मिला था. इनमें से डाॅ. अतुल मेहरोत्रा के अलावा, परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत डॉ. मंजू रानी और डॉ. सुमाता तालीब, ग्रेड चार में होने की वजह से 62 साल के बाद भी सेवाएं जारी रखने का मन बना चुकी थीं. लेकिन एक दिन पहले ग्रेड पांच में पहुंचने से सेवानिवृत्ति मिल गई. यही वजह है कि पेंशन समेत अन्य देय भुगतान के बगैर रिटायर होना पड़ा. जबकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्त के दिन पेंशन निर्धारण के साथ समस्त देय भुगतान करने का आदेश है.

इन्हें मिली थी पदोन्नति : शासन ने लेवल 4 ग्रेड के 44 डॉक्टरों को पदोन्नति दी थी. अब यह सभी डॉक्टर ग्रेड 5 अपर निदेशक कैडर में आ गए हैं. इसमें सीएमओ लखनऊ डॉ. मनोज अग्रवाल, बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. अतुल मेहरोत्रा, लोकबंधु अस्पताल में तैनात डॉ. जीपी गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एपी सिंह अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ग्रेड में आ गए हैं. इसमें डॉ. अतुल मेहरोत्रा इसी माह 31 जनवरी को रिटायर हो गए हैं.

डॉ. अतुल ने वीआरएस के लिए आवेदन कर रखा था. हालांकि शासन ने वीआरएस पर कोई फैसला नहीं लिया था. लेवल 5 ग्रेड में आ जाने बाद वह अब 62 की उम्र में रिटायर हो जाएंगे. उन्हें वीआरएस की जरूरत नहीं पड़ी. इसी तरह कई अन्य डॉक्टर जो ग्रेड 4 से 5 में प्रमोट हुए थे. उन्हें भी वीआरएस लेने की जरूरत नहीं पड़ी. शासनादेश के तहत ग्रेड 1 से 4 तक डॉक्टर 64 साल की उम्र में रिटायर होंंगे. इन डॉक्टरों को वीआरएस आवेदन करना पड़ता है. जबकि ग्रेड 5-6 के डॉक्टर 62 की उम्र में रिटायर होते हैं.

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