एडीआर का यह विश्लेषण उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हुए हलफनामे पर आधारित है जिसमें 2560 में से 391 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ Criminal case घोषित किए हैं। एडीआर के फाउंडर और ट्रस्टी त्रिलोचन शास्त्री का कहना है, ‘लोगों को उम्मीद होगी कि पार्टियां कानून का पालन करने और ईमानदारी के संदर्भ में सुधार दिखाएं।

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इसके विपरीत राजनीतिक पार्टियों ने Criminal पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट देने में बढ़ोतरी की है। अब मतदाताओं के ऊपर है कि इन्हीं में से सर्वश्रेष्ठ को वह चुनें।’

बीजेपी ने गंभीर Criminal case में फंसे उम्मीदवारों को चुनने में भी बड़ा स्कोर बनाया है। एक गंभीर आपराधिक मामले में दोषी को कम से कम पांच साल की सजा हो सकती है। बीजेपी के 58 (26 फीसदी) उम्मीदवार गंभीर मामलों में लिप्त हैं। वहीं कांग्रेस के 32 यानी 15 फीसदी और जेडीएस के 29 (15 फीसदी) उम्मीदवार ऐसे हैं।

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