बीजेपी के बाद दूसरे नंबर पर सत्तारूढ़ कांग्रेस है जिसके 220 में से 59 उम्मीदवारों के खिलाफ Criminal case दर्ज हैं, वहीं जेडीएस के 199 में से 41 उम्मीदवार ऐसे मामलों का सामना कर रहे हैं। चुनाव से जुड़े आंकड़े बताने वाले संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने रविवार को एक सर्वे की यह रिपोर्ट जारी की। इसके अनुसार, 2013 विधानसभा चुनाव के मुकाबले 2018 में Criminal case में फंसे उम्मीदवारों की संख्या 334 से 391 हो गई है।
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ऐसा कृत्य करके सारी पार्टियां ये दिखाती हैं कि वो साफ-सुथरी सरकार देंगी। क्या आम जनता को ये समझ में आता है? नहीं, लेकिन वो क्या कर सकती है। जब सब तरफ अपराधी ही खड़े हैं तो उसे तो किसी ना किसी को वोट देना ही है।
ये तबतक नहीं सुधर सकता जबतक ये व्यवस्था ना की जाये कि संसदीय क्षेत्र में जितने वोटर हैं उसका 33 प्रतिशत वोट पाने वाले को ही विजयी घोषित किया जायेगा। यदि उम्मीदवार 32.99 प्रतिशत वोट ही पायेगा तो वो चुनाव जीता हुआ नहीं समझा जायेगा। ऐसी जगहों पर तबतक चुनाव होते रहेंगे जबतक कम से कम 33 प्रतिशत से अधिक वोट उम्मीदवार ने ना पाये हों।