
चित्तौड़गढ़ में बोले सीएम योगी, भारत की नींव कमजोर कर रही जातिवाद की राजनीति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद फैलाने वालों को चित्तौड़गढ़ की धरती से आगाह किया कि जातिवाद की राजनीति भारत की नींव को कमजोर कर रही है। बांटने की राजनीति फिर से गुलामी की तरफ धकेल रही है। इससे बचने के लिए हमें एकजुटता के भाव से बढ़ना होगा। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ किले में रविवार को आयोजित जौहर श्रद्धांजलि समारोह में हवन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया। उन्होंने पंजाब के पूर्व राज्यपाल वीपी सिंह की पुस्तक का विमोचन भी किया।
जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियां सुनाईं कि, “मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का-वीरों का, धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का। पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर, जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर, क्रूर।” मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्हें कुछ नहीं करना है, वे जातिवाद के आधार पर सामाजिक एकता को छिन्न-भिन्न करने का पाप कर रहे हैं। जातिवाद ने समाज की नींव को दरका दिया था, इसलिए देश कमजोर हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरभूमि चित्तौड़गढ़ को देखकर मुझे यूपी के साहित्यकार श्याम नारायण पांडेय की रचना हल्दीघाटी की पंक्तियां याद आती हैं – “एकलिंग का आसन है, इस पर न किसी का शासन है…”। खिलजी के नाम पर भारत में आज कोई नमूना दिखाई नहीं देता। बाबर, औरंगजेब और अकबर के खानदान का अतापता नहीं है, लेकिन महाराणा प्रताप की वंशावली महाराजा साहब मंच पर उपस्थित हैं। रानी पद्मिनी की वंशावली सैकड़ों वर्ष बाद आज भी है। सनातन की मर्यादा सदैव अमर है और रहेगी। सनातन धर्म कभी पददलित नहीं होगा।
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में परिवर्तन के पीछे प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन है तो तेज राजस्थान-चित्तौड़गढ़ का है। इसके पीछे राजस्थान की वीरभूमि का भी योगदान है, क्योंकि मेरे पूज्य दादा गुरु इसी भूमि से गोरखपुर गए थे। राजस्थान, चित्तौड़गढ़, मेवाड़ के वीरों के शौर्य-पराक्रम, वीरांगनाओं के जौहर और मीराबाई की भक्ति की धुन से भारत अभिभूत होता है। चित्तौड़गढ़ का किला केवल पत्थरों से बना दुर्ग नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता का प्रहरी है। हर सच्चे भारतीय के मन में इस वीरभूमि और यहां के राणाओं के शौर्य व राष्ट्र के लिए उनके बलिदान के प्रति श्रद्धा का भाव है।
किसी बेटी-बहन को उस दौर से न गुजरना पड़े
योगी ने कहा कि यह श्रद्धांजलि समारोह प्रेरित कर रहा है कि आने वाले समय में किसी बेटी-बहन को उस दौर से न गुजरना पड़े। 1303, 1535 और 1568 में तीन बड़े जौहर यहां देखने को मिले। शत्रु हमेशा धोखे से ही वीरों का मुकाबला कर पाए। आमने-सामने की लड़ाई में वे कहीं नहीं टिके। माता सीता ने धरती मां से कहा था कि अगर मेरा सतीत्व अखंड है तो मुझे अपनी गोद में समाहित करो। माता सीता का जो संकल्प था, वही संकल्प धर्म जौहर के नाम पर महारानी पद्मिनी ने यहां दिखाया था। यह संकल्प नारी गरिमा का प्रतीक था। यह भारत माता को विधर्मियों से मुक्त करने का संकल्प था।
नेताजी होते तो पापी पाकिस्तान नहीं होता
सीएम योगी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आह्वान किया था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। नेताजी होते तो पापी पाकिस्तान भी नहीं होता। उनका आह्वान भारत की अस्मिता, आजादी और नौजवानों के लिए था



