यूपी में मेडल जीतने पर मिलेगी सरकारी नौकरी, योगी सरकार की ‘पदक लाओ, पद पाओ’ नीति पर सीएम का बड़ा बयान
उत्तर प्रदेश में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनकी उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए योगी सरकार ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती की व्यवस्था लागू कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह बात कही। उन्होंने कहा कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को लाखों-करोड़ों रुपये के पुरस्कार देने के साथ सरकारी नौकरी में सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में खेल के क्षेत्र में बदलाव आया है। उनके मुताबिक, सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा देने की दिशा में काम कर रही है।
‘2017 से पहले बेटियों के सपनों पर थीं बंदिशें’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए पिछली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल था। बेटियों के सपनों पर पहरे थे और प्रतिभाओं को अवसरों की कमी का सामना करना पड़ता था।
सीएम ने अपने पोस्ट में खेल मैदानों पर माफिया के कब्जे और संसाधनों की कमी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब सुरक्षा, प्रोत्साहन और खेल सुविधाओं के विस्तार के जरिए खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।
गांव से खेल विश्वविद्यालय तक बढ़ा सुविधाओं का दायरा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गांवों के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम तथा मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तक खेल सुविधाओं का विस्तार किया गया है। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को भी उन्होंने इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन सुविधाओं से खासतौर पर बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आधार मिल रहा है।
पदक विजेताओं को पुरस्कार और सीधी भर्ती का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को लाखों-करोड़ों रुपये के पुरस्कार दिए जा रहे हैं। इसके साथ ‘पदक लाओ, पद पाओ’ योजना के तहत सीधी भर्ती की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देना और खेल को करियर के रूप में अपनाने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करना है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकीं यूपी की खिलाड़ी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की उन महिला खिलाड़ियों का भी उल्लेख किया, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। इनमें एथलेटिक्स की पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी शामिल हैं।
इसके अलावा जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया तथा कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं का विस्तार और खिलाड़ियों को मिल रहा प्रोत्साहन बदलाव की कहानी बयां करता है।



