मध्यप्रदेश

शिवराज चौहान का बयान, सभी आपदाओं, हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है टीम

भोपाल – मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए राज्य ने आपदा नियंत्रण के बेहतर इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़, भूकंप, आग, दुर्घटना आदि सभी प्रकार की आपदाओं की हर परिस्थिति से निपटने के लिए टीम मध्यप्रदेश पूरी तरह तैयार है। चौहान ने यहां वल्लभ भवन एनेक्सी-2 (मंत्रालय) में स्थापित राज्य स्तरीय सिचुएशन रूम (स्थिति कक्ष) तथा होम गार्ड मुख्यालय पर स्थापित राज्य-स्तरीय कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर (नियंत्रण और आदेश केन्द्र) का लोकार्पण करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में आपदा प्रबंधन के लिए मजबूत नेटवर्क बन गया है। राज्य स्तरीय सिचुएशन रूम को राज्य-स्तरीय कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर तथा 52 जिलों के कन्ट्रोल एण्ड कमांड सेंटर्स से जोड़ा गया है। चौहान ने कहा कि इस नेटवर्क के विकसित हो जाने तथा इसमें अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग से आपदा के दौरान न केवल त्वरित बचाव और राहत कार्य संपादित होंगे अपितु बचाव और राहत कार्यों (रेस्क्यू ऑपरेशन) की लाइव निगरानी भी की जा सकेगी।

इसी बीच, मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि इस राज्य स्तरीय सिचुएशन रूम तथा राज्य स्तरीय कन्ट्रोल कमाण्ड सेंटर में 1,000 एमबीपीएस लीज्ड लाइन के माध्यम से विभिन्न प्रकार के डाटाबेस जैसे – समस्त बांधों का अद्यतन जल-स्तर, बांधों के गेट खोलने की अद्यतन स्थिति, नदी गेज के माध्यम से नदियों का अद्यतन जल-स्तर, मौसम विभाग का अपडेटेड डाटाबेस, डायल-100 तथा डायल-108 के एम्बुलेंस एवं वाहनों का रियल टाइम डाटाबेस, ट्रेफिक के 10 हजार सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड, स्मार्ट सिटी के 500 कैमरों की लाइव फीड आदि प्राप्त होंगे। कुल 16 विभागों के लाइव फीड का उपयोग आपदा प्रबंधन में किए जाने की व्यवस्था रहेगी।

उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्म-स्थलों एवं मेला-स्थलों की लाइव फीड भी सिचुएशन रूम तथा राज्य-स्तरीय कन्ट्रोल कमाण्ड सेंटर को उपलब्ध होगी। इनमें आपदा की स्थिति निर्मित होने पर बेहतर प्रबंधन राज्य स्तर से सुनिश्चित हो सकेगा। अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के 52 जिलों में से 45 जिलों में जिला कमाण्ड एवं कंट्रोल कॉल सेंटर की स्थापना की जा रही है तथा सात स्मार्ट सिटी वाले जिलों में स्मार्ट सिटी परियोजना अंतर्गत पूर्व से स्थापित (इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर्स) का ही उपयोग किया जाएगा। तीन जिलों होशंगाबाद, सीहोर एवं रायसेन में जिला कमांड एवं कंट्रोल सेंटर की पायलट परियोजना प्रारंभ की गयी है।

उन्होंने कहा कि सिचुएशन रूम तथा कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर्स का शासन की विभिन्न गतिविधियों – आपदा एवं आपातकालीन स्थिति में जिला स्तरीय कॉल सेंटर के रूप में, सीएम हेल्पलाइन की निगरानी के लिए, लोक सेवा प्रदाय व्यवस्था में सुधार के लिए फीडबैक, सरकार द्वारा समय-समय पर चलाये जाने वाले अभियान, सर्वेक्षण, खरीदी, टीकाकरण, अन्य गतिविधियाँ, लोक सेवा प्रदाय व्यवस्था में सुधार के लिए फीडबैक तथा जिला प्रशासन की आवश्यकता अनुसार उपयोग भी किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री चौहान ने सिचुएशन रूम में होमगार्डस द्वारा किया गया आपदा नियंत्रण का मॉक लाइव डेमो भी (वर्चुअली) देखा। इसके अंतर्गत नदी में डूबते लोगों को बचाने का बचाव एवं राहत कार्य देखा गया।

 

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