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यूएनएचआरसी प्रमुख की शिनजियांग यात्रा प्रतिबंधित करने के चीन के प्रयासों से अमेरिका चिंतित – ब्लिंकन

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बीजिंग – अमेरिका ने चीन में उइगर मुसलमानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों को सत्यापित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) की प्रमुख मिशेल बेशलेट की शिनजियांग प्रांत की हालिया सम्पन्न यात्रा को बीजिंग द्वारा “प्रतिबंधित करने और तोड़ने-मरोड़ने के प्रयासों” पर चिंता व्यक्त की है। अमेरिका ने कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को ‘नरसंहार’की संज्ञा दी है।

हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने रविवार को कहा, अमेरिका संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बेशलेट और उनकी टीम की चीन की यात्रा को प्रतिबंधित करने और तोड़ने-मरोड़ने के बीजिंग के प्रयासों को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा, ‘‘हम चिंतित हैं कि बीजिंग के अधिकारियों द्वारा यात्रा पर थोपी गई शर्तो से चीन में मानवाधिकारों का पूर्ण और स्वतंत्र मूल्यांकन नहीं हो पाया है।

इसमें शिनजियांग भी शामिल है, जहां मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार जारी हैं। ब्लिंकन की यह टिप्पणी बेशलेट की चीन की छह-दिवसीय यात्रा की समाप्ति पर आयी है, जिसमें चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ वीडियो लिंक के माध्यम से बातचीत और शिनजियांग के काशगर और उरुमकी में प्रवास शामिल था।

ब्लिंकन ने कहा कि वह ‘‘उन खबरों से भी परेशान हैं जिसके तहत कहा गया है कि शिनजियांग के निवासियों को इस क्षेत्र की स्थिति के बारे में शिकायत न करने या न बोलने की चेतावनी भी दी गयी थी, इतना ही नहीं लापता सैकड़ों उइगर मुसलमानों का अता-पता भी नहीं बताया गया और कैद में बंद लाखों लोगों की स्थिति’’ के बारे में भी जानकारी नहीं दी गयी।

पूरे चीन में स्थितियों की स्वतंत्र जांच के आह्वान को दोहराते हुए, उन्होंने बीजिंग से तिब्बतियों और हांगकांग में रहने वाले लोगों के मानवाधिकारों का सम्मान करने का भी आग्रह किया। बेशलेट ने 23 से 28 मई तक चीन का दौरा किया था, इस दौरान वह ग्वांगझू और शिनजियांग प्रांत गईं।

 

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