कारोबार

बेमौसम बारिश से खराब हुई फसल का ऐसे रखें ध्यान! कृषि वैज्ञानिक ने दी पूरी जानकारी

[tta_listen_btn listen_text="खबर सुनें" pause_text="Pause" resume_text="Resume" replay_text="Replay" start_text="Start" stop_text="Stop"]

पश्चिमी विछोभ के कारण देश में रबी मौसम की फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। लाखों किसान के लाखों हेक्टेयर में लगी फसल गिर चुकी है या काफी हद तक बर्बाद हो चुकी है। जो फसल खेतों में लगी है उसके कैसे बचाएं किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। किसान इसके लिए कृषि वैज्ञानिकों के सलाह लेकर उसे बचाएं नहीं तो लागत भी निकाल पाएंगे। खासकर मोटी कमाई वाली फसलों के कैसे बचाएं इस पर ज्यादा ध्यान दें।

डॉ राजेंद्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्विद्यालय स्थित मौसम विभाग के अनुसार फरवरी के पहले सप्ताह में सक्रिय पश्चिमी विछोभ के प्रभाव से न्यूनतम तापक्रम 9.9 डिग्री सेल्सीयस अधिकतम तापक्रम 20.6 डिग्री सेल्सीयस तथा वर्षा 29.6 मिली मीटर रिकॉर्ड की गई है। बहुत सारे किसान यह जानना चाहते है। की उनकी उद्यानिक फसलों पर खासकर फल फसलों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा तथा यदि ख़राब प्रभाव पड़ेगा तो उसे कैसे कम किया जा सकता है।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, समस्तीपुर, बिहार के अखिल भारतीय फल अनुसंधान परियोजना के प्रधान अन्वेषक एवं एसोसिएट डायरेक्टर रिसर्च डॉ. एसके सिंह ने टीवी 9 डिजिटल को बताया कि कुछ उपाए किए जाएं तो इस मौसम में रबी के फसल के साथ साथ उद्यानिक फसल पर इसका प्रभाव को कम किया जा सकता है।

आम एवं लीची
डॉक्टर एस सिंह बताते हैं कि आम एवं लीची जिसमे फूल (मंजर) आ गए है। उसमे इस समय की बारिस जबकि तापक्रम 10 डिग्री के आस पास हो , मंजर को नुकसान पहुंचने की संभावना है। मंजर काला पड़ सकता है। मंजर के काला होने से बचाने के लिए आवश्यक है।

की हेक्साकोनाजोल (hexaconazole) @ 1 मिली लीटर दवा प्रति लीटर पानी में घोल कर छिडकाव करने से मंजर को काला होने से बचाया जा सकता है। आम एवं लीची जिसमे अभी फूल नहीं आये है। आने ही वाले हैं उन आम एवं लीची की पत्तियों की वारिश के पानी की वजह से धुलाई हो जाने से फायदा ही होगा। मंजर अच्छे से आएगा।

 

राज्‍यों से जुड़ी हर खबर और देश-दुनिया की ताजा खबरें पढ़ने के लिए नार्थ इंडिया स्टेट्समैन से जुड़े। साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप को डाउनलोड करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button