उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में प्रस्तुत ‘मानव’ (MANAV) दृष्टिकोण की सराहना करते हुए इसे भविष्य की तकनीक का आधार बताया है। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश, प्रधानमंत्री के इस संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह तैयार है और इस दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है।
मोदी ने कहा, ‘‘मैं एआई के लिए ‘मानव’ (एमएएनएवी) दृष्टिकोण प्रस्तुत करता हूं जिसमें ‘एम’ का अर्थ ‘मोरल एंड इथिकल सिस्टम्स’ (नैतिक एवं नीतिपरक प्रणालियां), ‘ए’ से तात्पर्य ‘अकाउंटेबल गर्वनेंस’ (जवाबदेह शासन), ‘एन’ से तात्पर्य ‘नेशनल सॉवेरिनिटी’ (राष्ट्रीय संप्रभुता), ‘ए’ से तात्पर्य ‘एक्सेसबल इंड इन्क्लूसिव’ (सुलभ और समावेशी) और ‘वी’ से तात्पर्य ‘वैलिड एंड लेजिटिमेट’ (वैध और कानूनी) है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रेरणा से प्रदेश में देश की पहली एआई सिटी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विकसित की जा रही है, जो वैश्विक स्तर पर नवाचार और प्रौद्योगिकी अनुसंधान का केंद्र बनेगी। साथ ही उन्नाव में देश के पहले एआई-समर्थित बहुविषयक विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए तैयार मानव संसाधन तैयार करना है।
उन्होंने बताया कि ‘एआई प्रज्ञा’ पहल के तहत 10 लाख से अधिक युवाओं को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी कौशल से लैस किया जा रहा है ताकि उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ सके। आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि प्रदेश में एआई आधारित समाधान 10 लाख से अधिक किसान परिवारों की कृषि उत्पादकता बढ़ाने में सहायक हैं। इसके अलावा राजस्व प्रबंधन, आंतरिक सुरक्षा और ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ में प्रौद्योगिकी आधारित पारदर्शिता को मजबूत किया जा रहा है, जिससे प्रशासन अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के सुरक्षित, संप्रभु और विस्तार योग्य एआई भविष्य के निर्माण में मजबूत और रणनीतिक भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का लक्ष्य केवल तकनीकी उन्नति नहीं, बल्कि ऐसी एआई व्यवस्था विकसित करना है जो मानवता के हित में काम करे और समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाए।
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