उत्तर प्रदेशफ्लैश न्यूजराष्ट्रीय

राज्यपाल से उ0प्र0 प्रांतीय सिविल सेवा-2022 के प्रशिक्षु अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की

[tta_listen_btn listen_text="खबर सुनें" pause_text="Pause" resume_text="Resume" replay_text="Replay" start_text="Start" stop_text="Stop"]

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज राजभवन में उत्तर प्रदेश प्रांतीय सिविल सेवा-2022 के 31 प्रशिक्षु अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर राज्यपाल जी ने सभी अधिकारियों से उनका परिचय लिया तथा उनके क्षेत्र एवं कार्यानुभवों को जाना। उन्होंने कहा की संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा जनपदों में जनता सुनवाई के दौरान समस्याओं को सुनने के बाद उसका त्वरित एवं पूर्ण निस्तारण किया जाए।

राज्यपाल ने उपस्थित अधिकारियों को सलाह देते हुए कहा कि नियमों की गलत व्याख्या ना करें तथा आपसी सामंजस्य एवं जन सहयोग की भावना से कार्य करें। उन्होंने गुजरात के अपने कार्यानुभवों को साझा करते हुए कहा कि जिम्मेदारी पूर्वक सौपे गए कार्यों को

ससमय पूर्ण करें व कार्य के दौरान आने वाली समस्याएं एवं उसके निस्तारण का प्रयास करें। उन्होंने कई वर्षों से लंबित पड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण हेतु प्रयास किए जाने को निर्देशित किया।

राज्यपाल ने कहा कि अपने कार्यों से समाज मे अमिट छाप छोड़ें। उन्होने कहा कि सप्ताह के दिनों को अलग-अलग कार्यो हेतु निर्धारित करके कार्य करें। इस क्रम में उन्होंने जनपद के विभिन्न ग्राम पंचायतों के लंबित कार्यो को प्राथमिकता के आधार पर सूची  तैयार कर उसके निस्तारण हेतु निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि अच्छे अफसर के गुण होते हैं- ध्यान से सुनना, महिलाओं के साथ नैतिकता का व्यवहार, वृद्धजनों के प्रति संवेदनशीलता तथा मानवता के मूल्य को जीवन में आत्मसात करना।

राज्यपाल ने कहा कि कार्य करने की सोच होनी चाहिए। अच्छे कार्यों की चर्चा हर जगह होती है। इसलिए अच्छा कार्य करना चाहिए और उसमें आनंद का अनुभव भी करना चाहिए, यह एक सकारात्मक सोच है। उन्होंने कहा की कार्यशैली अफसर की तरह नहीं जनता की तरह होनी चाहिए।

राज्‍यों से जुड़ी हर खबर और देश-दुनिया की ताजा खबरें पढ़ने के लिए नार्थ इंडिया स्टेट्समैन से जुड़े। साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप को डाउनलोड करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button