जब भी आप जीवन में कोई भी नया काम शुरु करने जा रहे हो या रास्ते में बाधाएं नजर आने लगें, तो सबसे पहले विघ्नहर्ता भगवान गणेश का नाम लिया जाता है। हिंदू धर्म में बुधवार का दिन बुद्धि और विवेक के देवता श्री गणेश को समर्पित है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणेश चालीसा का पाठ करने से बंद किस्मत के ताले खुल जाते हैं और सफलता भी आपके कदम चूमने लगती हैं।
बुधवार और गणेश जी का खास संबंध
ज्योतिष के अनुसार बुधवार का संबंध बुध ग्रह से होता है, जो बुद्धि, तर्क और वाणी का प्रतीक माना जाता है। भगवान गणेश को ज्ञान और विवेक का स्वामी माना गया है, इसलिए बुधवार के दिन उनकी आराधना का विशेष महत्व होता है। इस दिन श्रद्धा से गणेश चालीसा का पाठ करने से मन को शांति मिलती है और सोचने-समझने व सही निर्णय लेने की शक्ति में वृद्धि होती है।
गणेश चालीसा का पाठ करने की सही विधि
चालीसा पाछ का पूरा लाभ उठाने के लिए सही समय और विधि का होना काफी जरुरी है। बुधवार की सुबह स्नान करने के बाद साफ पीले या लाल कपड़े पहनें। प्रथम पूज्य गणेश जी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं और उन्हें दूर्वा (घास) अर्पित करें। फिर आप एकाग्र मन से गणेश चालीसा का पाठ शुरु करें। शास्त्रों के मुताबिक, दुर्वा चढ़ाने से गणेश जी काफी प्रसन्न होते हैं क्योंकि यह शीतलता का प्रतीक है।
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