
सत्ता पक्ष ने बताया विकसित भारत का बजट, विपक्ष ने लगाया आम लोगों की अनदेखी का आरोप
राज्यसभा में गुरुवार को वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसे विकसित भारत का बजट बताया जबकि विपक्ष ने इसमें आम लोगों की अनदेखी का आरोप लगाया। महाराष्ट्र से शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि बजट में बुजुर्गों की अनदेखी की गयी है। अनुमान है कि 2050 में करीब 30 करोड़ देशवासी 60 साल से अधिक उम्र के होंगे। रेल किराये में उन्हें दी जाने वाली रियायत कोराना के समय में समाप्त की गयी थी जिसे अब तक बहाल नहीं किया गया है।
राजमार्ग निर्माण 12 किलोमीटर प्रतिदिन से बढ़कर 28 किमी प्रतिदिन पर पहुंच गया। सरकार ने विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाये। कर्नाटक से कांग्रेस के जी.सी. चंद्रशेखर ने कहा कि अमेरिका के साथ समझौते से मेक इंडिया को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि “अच्छे दिन” और “अमृतकाल” का असर यह हुआ कि साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी के खाते में 295 करोड़ रुपये थे जो अब बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये हो गया है, एक कारोबारी जिसका नेटवर्थ 44,000 करोड़ रुपये था अब 12-13 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, लेकिन किसानों की आय अब तक दोगुनी नहीं हुई।
बजट को कॉरपोरेट के हित में बताते हुए श्री चंद्रशेखर ने कहा कि साल 2014 से पहले भी दुनिया में भारत का सम्मान था, भारत 2014 से पहले भी निर्यात करता था और भारत का आई टी सेक्टर 2014 से पहले भी एक वैश्विक पावरहाउस था। बिहार से भाजपा के शंभू शरण पटेल ने कहा कि यह बजट साल 2047 तक भारत को विकासशील देश से विकसित देश बनाने वाला है। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और कुछ ही साल में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा।
मखाना बोर्ड के लिए 3,200 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जिससे बिहार से किसान-मजदूर लाभांवित होंगे। राज्य में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। पांच नये एक्सप्रेस-वे और सात वंदे भारत एक्सप्रेस देने का काम हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 50 साल में एक एम्स दिया था। वाजपेयी जी की सरकार ने सात एम्स दिये और मोदी सरकार ने उसे बढ़ाकर 22 कर दिया। गुजरात से भाजपा के मयंक कुमार नायक ने कहा कि विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए यह बजट पेश किया गया है। पिछले 11 साल में गांवों में पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधा पहुंचाने के लिए सरकार ने योजना बनायी।
इस बजट में यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और विकसित भारत ‘जी-राम-जी’ योजना के तहत गांवों के लोगों को रोजगार मिले। उन्होंने कहा कि 11 साल में गुजरात के लिए बजट आवंटन 30 गुना हुआ है। गुजरात से ही भाजपा के केसरी देवसिंह झाला ने बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं संकट में हैं तब भारत अपना परचम लहरा रहा है। जब पूरी दुनिया में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दो-तीन प्रतिशत के बीच है, चीन भी चार-पांच प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, भारत सात प्रतिशत से ज्यादा की दर से बढ़ रहा है।



