
राज्यपाल ने अभिभाषण में गिनाई गईं उपलब्धियां, विपक्ष से कहा- यही हाल रहा तो शून्य हो जायेंगे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल में बजट सत्र के मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने अभिभाषण में प्रदेश की विकास यात्रा, सुशासन और उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान वह विपक्ष की नारेबाजी से काफ़ी आहत दिखीं। उन्होंने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि आपलोगों का यही हाल रहा तो शून्य तक पहुंच जायेंगे।
अपने भाषण के दौरान कहा कि ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ विजन डॉक्यूमेंट को साकार करने के लिए सदन में अत्यंत उपयोगी चर्चा हुई है। मार्च 2017 के बाद प्रदेश ने कानून-व्यवस्था, आधारभूत ढांचा, निवेश, रोजगार सृजन और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
राज्यपाल ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 18 राज्य विश्वविद्यालयों ने नैक में उत्कृष्ट श्रेणी प्राप्त की है। वर्ष 2017 में जहां नैक ए प्लस प्लस श्रेणी का कोई भी विश्वविद्यालय नहीं था, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर 9 हो गई है। इनमें 04 विश्वविद्यालय नैक ‘ए प्लस’ और 05 विश्वविद्यालय ‘ए’ श्रेणी में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि केवल एक वर्ष में नैक प्रत्यायित संस्थानों की संख्या 95 से बढ़कर 161 हो गई है। इसके साथ ही क्यूएस एशिया रैंकिंग में सम्मिलित विश्वविद्यालयों की संख्या शून्य से बढ़कर 7 हो गई है। लखनऊ विश्वविद्यालय और छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर को क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में एसडीजी श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है।
आनंदीबेन ने कहा कि कृषि शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रदेश ने नई उपलब्धियां हासिल की हैं। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज (अयोध्या) को नैक की सर्वोच्च ए प्लस प्लस ग्रेडिंग मिली है, जबकि सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय, मेरठ और बांदा कृषि विश्वविद्यालय, बांदा को नैक की ‘ए’ ग्रेडिंग प्राप्त हुई है।
कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। नवंबर 2019 से अब तक 35 माफिया और 94 सह-अपराधियों सहित कुल 129 को आजीवन कारावास अथवा अन्य अवधि के कारावास और अर्थदंड से दंडित कराया गया है। इस दौरान 02 मामलों में मृत्युदंड की सजा हुई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक 267 अपराधी मुठभेड़ों में मारे गए हैं और 977 अभियुक्तों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत निरुद्ध किया गया है। माफिया अपराधियों से 4,137 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति जब्त की जा चुकी है। शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में दो-दो विद्यालयों को मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय और एक-एक विद्यालय को मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शिक्षकों के उपयोग के लिए 2 लाख 61 हजार से अधिक टैबलेट वितरित किए गए हैं। वर्ष 2025-26 में दुर्बल वर्ग के बच्चों के लिए निजी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा के अंतर्गत 1 लाख 40 हजार से अधिक बच्चों का प्रवेश कराया गया।
राज्यपाल ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत जर्जर विद्यालय भवनों का नवनिर्माण और सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक 275 करोड़ रुपये की धनराशि से 590 सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों को इस योजना से आच्छादित किया गया है। अंत में राज्यपाल ने कहा कि इन उपलब्धियों ने उत्तर प्रदेश की भावी विकास यात्रा को सुदृढ़ आधार दिया है और प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।



