उत्तराखंड

श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2025

श्री भकुंट भैरव क कपाट शीतकाल के लिए बंद हुज

[tta_listen_btn listen_text="खबर सुनें" pause_text="Pause" resume_text="Resume" replay_text="Replay" start_text="Start" stop_text="Stop"]

श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2025
भकुंट भैरवनाथ जी के कपाट शीतकाल हेतु विधिवत पूजा अर्चना पश्चात बंद हुए।

श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2025ऐ भीभकुंट भैरवनाथ जी के कपाट शीतकाल हेतु विधिवत पूजा अर्चना पश्चात बंद हुए।*

श्री केदारनाथ धाम: 18 अक्टूबर।श्री केदारनाथ धाम के क्षेत्ररक्षक भकुंट भैरवनाथ जी के कपाट पूजा अर्चना पश्चात शीतकाल के लिए आज शनिवार अपराह्न 1बजकर 15 मिनट पर विधिवत रूप से बंद कर दिए गए।
इससे पहले श्री केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना, तथा भोग लगाया गया तथा श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति मुख्य कार्याधिकारी श्री केदार सभा तथा पंच पंडा समिति रूद्रपुर ने मंदिर परिसर से कपाट बंद करने हेतु श्री भैरवनाथ जी के मंदिर की ओर प्रस्थान किया।

केदारनाथ धाम के पुजारी बागेश लिंग, धर्माधिकारी औंकार शुक्ला, वेदपाठी यशोधर मैठाणी तथा तीर्थ पुरोहितों ने पूजा-अर्चना संपन्न की, स्थानीय पकवानों तथा रोट का भोग लगाया ।हवन यज्ञ के साथ कपाट बंद की प्रक्रिया पूरी की गयी। इस अवसर पर बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी/ कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल, बीकेटीसी सदस्य विनीत पोस्ती,केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, पूर्व अध्यक्ष विनोद शुक्ला, मंत्री राजेंद्र तिवारी, संतोष त्रिवेदी, भैरवनाथ पश्वा अरविंद शुक्ला,अनिल शुक्ला, अंकित सेमवाल, उमेश पोस्ती,बीकेटीसी प्रभारी अधिकारी केदारनाथ यदुवीर पुष्पवान आदि मौजूद रहे।

श्री भैरवनाथ जी के कपाट बंद होने के साथ ही अब श्री केदारनाथ धाम के कपाट बंद की तैयारी तथा पंचमुखी डोली की पूजा-अर्चना की तैयारियां शुरू हो गयी उल्लेखनीय है कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर को शीतकाल हेतु बंद होंगे इससे पहले आज शनिवार को श्री भैरवनाथ जी के कपाट बंद हो गये है।

राज्‍यों से जुड़ी हर खबर और देश-दुनिया की ताजा खबरें पढ़ने के लिए नार्थ इंडिया स्टेट्समैन से जुड़े। साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप को डाउनलोड करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button