दरअसल तीन माह आगे के लिए शिफ्ट किये जाने पर आपको इन तीन महीने का ब्याज भी देना पड़ेगा, इसलिए उसकी सहमति आपसे लिया जाना आवश्यक है।
आपने लोन के जिन कागजातों पर साइन किये होंगे उनमें प्रतिमाह किस्त काटने और देर से जमा करने पर दण्ड व्याज देने के लिए आपने सहमति पर हस्ताक्षर किये होंगे। यदि बैंक स्वत! ही इसे तीन माह आगे बढ़ा देगा तो तीन महीने का ब्याज वो किससे वसूलेगा।
इसीलिए आवश्यक है कि आपसे वह इसकी सहमति ले ले। आपदा देश में कितनी ही बड़ी आये ये बैंक/मनी लैण्डर अपना ब्याज नहीं छोड़ सकते। दिखाया ये जा रहा है कि कर्जदाता को कितनी बड़ी सहायता दी जा रही है, लेकिन ये कैसी सहायता कि आप उसकी सहमति लेने के बाद अपनी ब्याज पक्की कर लेने के बाद ही ऐसी कार्रवाई करेंगे।
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