100 करोड़ हिंदुओं की भावनाओं का ध्यान रखने की दलील दी गई थी। कोर्ट में 87 सबूतों को जमा किया गया है। इसमें रामायण और गीता भी शामिल है। कोर्ट ने कहा कि इनके अंशों का अनुवाद किया जाए। यह भी स्पष्ट किया कि राम मंदिर पक्ष से अब कोई नया पक्ष नहीं जुड़ेगा। जिन लोगों की मौत हो चुकी है, उनका नाम हटाया जा रहा है।
इस बीच एक मुस्लिम पक्षकार एम0 सिद्दीकी के वकील राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि मामले की रोजाना सुनवाई होनी चाहिए। मैं इस केस पर अपनी तरह से बहस करूंगा। ये केस राष्ट्र के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।
जब रामलला के वकील सीoएसo वैद्यनाथ ने कहा कि पक्षकार बहस के बिन्दुओं मतलब line of argument दाखिल कर दें, तो केस की सुनवाई में आसानी होगी। इस पर राजीव धवन नाराज हो गए। उन्होंने कहा के कि वे अपनी तरह से केस में बहस करेंगे।
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