राजकीय नर्सेस संघ मनायेगा काला दिवस : सहमति के बाद भी शासनादेश नहीं, यूपी में नर्सेस का फूटा गुस्सा
उत्तर प्रदेश राजकीय नर्सेस संघ का बुधवार को भी 2 घंटे का कार्य बहिष्कार जारी रहा। 13 सूत्रीय मांगों को लेकर संघ बीते 27 दिन से लगातार आंदोलनरत है। आरोप है कि नर्सों की मांगों पर शासन ने भी अपनी सहमति दे दी है, बावजूद इसके शासनादेश अभी तक जारी नहीं हुआ है। जिसके कारण नर्सों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है, बुधवार को अलग-अलग जिलों से आईं प्रदर्शन की तस्वीरें इस बात की गवाह बन रही हैं। बताया जा रहा है कि सात नवंबर को नर्सेस यूपी में काला दिवस मनायेंगी।
संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि संघ की तरफ से पूर्व में एक पत्र भेजा गया था, यह पत्र नर्सों की विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर था, इसी आधार पर सितंबर महीने में शासन स्तर पर बैठक हुई थी। जिसमें नर्सिंग संवर्ग की 13 सूत्रीय मांगों एवं समस्याओं के निराकरण के संबंध में वार्ता हुई, वहीं बैठक में पांच प्रमुख मांगों पर सहमति भी प्रदान की गई थी। इसके बावजूद लगभग एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी संबंधित शासनादेश जारी नहीं किए गए हैं। इससे प्रदेश के नर्सिंग संवर्ग में भारी आक्रोश एवं निराशा व्याप्त है।
उन्होंने बताया कि राजकीय नर्सेस संघ के नेतृत्व में 9 अक्टूबर से प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 21 अक्टूबर को दो घंटे का कार्य बहिष्कार तथा 22 अक्टूबर को लखनऊ स्थित स्वास्थ्य भवन, महानिदेशालय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं पर विशाल धरना-प्रदर्शन एवं घेराव किया गया था। प्रदर्शन के दौरान महानिदेशक द्वारा मांगों के संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस आदेश जारी नहीं हुआ है।




