प्रो0 सहस्रबुद्धे ने कहा कि आजादी के समय हम तकनीकी ज्ञान के लिए दूसरे देशों पर निर्भर थे। वर्तमान भारत सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी है। पूरे विश्व का ध्यान भारत की सूचना प्रौद्योगिकी की ओर है।
मोबाइल एप्स के जरिये हमारे छात्र-छात्राओं ने अपने काॅलेज के समय अनेक महत्वपूर्ण आविष्कार किये हैं जैसे घरों में प्रयोग होने वाले विद्युत उपकरणों को खोलना एवं बंद करना आदि। उन्होंने कहा कि हमें परिमाण के साथ-साथ गुणवत्ता का भी ध्यान रखना होगा।
प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को निपुण बनाती है। निपुणता का उपयोग समाज की बेहतरी के लिए करें। माता-पिता एवं गुरू के योगदान को याद रखें। उन्होंने कहा कि सरकार गुणवत्तापरक शिक्षा और व्यवस्था सुधारने के प्रति संकल्पबद्ध है।
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