लड़कियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। इसलिए प्राविधिक शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक लड़कियों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के लिए नकल कैंसर रोग जैसी है। नकल विहीन परीक्षा कराना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है।
मुख्य अतिथि प्रो0 अनिल डी0 सहस्रबुद्धे ने उपाधि धारक छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि ज्ञान अर्जित करने का सिलसिला जारी रखें। देश बदल रहा है, हम सबको बदलना है। असफलताओं से घबरायें नहीं। नया सीखने व करने का प्रयास करें।
देश में प्रतिभा की कमी नहीं है। हमें अपनी सभ्यता और संस्कृति से प्रेरणा लेते हुए आधुनिक ज्ञान एवं तकनीक को समाज की बेहतरी के लिए प्रयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि समाज से जो कुछ लिया है उससे ज्यादा समाज को देने का प्रयास करें।
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