अभी तक उसको इस करेन्सी की याद नहीं आई, नोट को बदलने की मांग नेपाल के PM Oli, द्वारा किया जाना एक षड़यन्त्र का हिस्सा है। यह चीन की चाल है, उसने और दूसरे देशों से भारत की पुरानी रद्द की जा चुकी मुद्रा का एकत्रीकरण कर लिया है और अब वह उसे वर्तमान की करेन्सी में बदलवाकर भारत को आर्थिक नुकसान पहुंचाना चाहता है।
यह बात अलग है कि नेपाल भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझीदार है और भारत की तरफ से नेपाल को रोजमर्रा की जिंदगी में प्रयोग होने वाले सामान का बड़े पैमाने पर आपूर्ति की जाती है। नेपाली बिजनेसमैन और यहां के नागरिक भारतीय मुद्रा का प्रयोग जमकर करते हैं और साथ ही भारतीय नोटों को बचत के तौर पर घरों में भी जमाकर रखते हैं।
शुक्रवार को PM Oli,, पीएम मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात करेंगे। नेपाल के सेंट्रल नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) के अधिकारियों का कहना है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पिछले वर्ष मार्च में नेपाली नागरिकों के पास मौजूद रुपयों के पुराने नोटों को बदलने पर रजामंदी जहिर की थी।
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