UP की Gram Panchayats में Digital Library का होगा विस्तार, CM Yogi Adityanath ने की घोषणा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण इलाकों में डिजिटल लर्निंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की घोषणा की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि टेक्नोलॉजी पर आधारित एजुकेशन हब, कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम की तैयारी करने वालों के लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच की खाई को कम कर रहे हैं। जनता दर्शन (जनता की शिकायतों के समाधान का कार्यक्रम) के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर ग्राम सचिवालयों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाने का ज़िक्र किया।
‘X’ पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि अब शहर की दूरी शिक्षा में बाधा नहीं बनेगी। गांवों में ज्ञान का डिजिटल दरवाज़ा खुल रहा है। जब भी किसी गांव के बच्चे को कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम की तैयारी करनी होती थी, तो उसे किताबों और बेहतर रिसोर्स के लिए शहर की ओर देखना पड़ता था। इस दूरी में समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। अब बहराइच के तेजवापुर ब्लॉक के खसाहा मोहम्मदपुर में डिजिटल लाइब्रेरी ने इसी दूरी को खत्म कर दिया है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ये लाइब्रेरी पारंपरिक पढ़ाई के तरीकों और आधुनिक टेक्नोलॉजी को एक ही जगह पर लाती हैं। उन्होंने लिखा कि ग्राम पंचायत सचिवालय में बनी यह लाइब्रेरी किताबें और कंप्यूटर, पारंपरिक पढ़ाई के तरीके और आधुनिक टेक्नोलॉजी, सभी को एक ही छत के नीचे ला रही है। इन सुविधाओं में कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, स्मार्ट टीवी और सीसीटीवी सर्विलांस शामिल हैं। नेशनल बुक ट्रस्ट के साथ साझेदारी के ज़रिए किताबें और साहित्य उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि यहां कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, स्मार्ट टीवी और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों के साथ-साथ नेशनल बुक ट्रस्ट का साहित्य भी उपलब्ध है। यानी, चाहे आपको पढ़ने के लिए किताबें चाहिए हों या तैयारी के लिए डिजिटल कंटेंट, दोनों ही अब गांव में ही मिल रहे हैं। इसके फायदों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संसाधन अब पास में होने से सपनों को पूरा करने का रास्ता भी आसान हो गया है। बच्चे और युवा यहां पढ़ाई कर रहे हैं, ई-लर्निंग से जुड़ रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की अपनी तैयारी को नई धार दे रहे हैं। शहर आने-जाने में जो समय और पैसा पहले खर्च होता था, वह अब उनकी शिक्षा में लगाया जा रहा है।



