
PM सेमीकंडक्टर प्लांट का पीएम मोदी ने किया शिलान्यास : बोले- विकसित भारत के लिए ‘मेड इन इंडिया’ चिप अत्यंत महत्वपूर्ण
ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि विकसित भारत की नींव आत्म-निर्भरता के आधार पर रखी जाएगी, जिसके लिए भारत में निर्मित सेमीकंडक्टर चिप का होना बहुत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन के संयुक्त उद्यम ‘इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड’ के सेमीकंडक्टर संयंत्र का ऑनलाइन माध्यम से शिलान्यास करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान छोटी चिप की कमजोर आपूर्ति शृंखला ने कई अर्थव्यवस्थाओं के विकास को रोक दिया था और विभिन्न कारखानों में काम ठप हो गया था।
प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “विकसित भारत का निर्माण तभी होगा जब भारत आत्मनिर्भर बनेगा। इसके लिए भारत में बनी चिप बहुत जरूरी हैं। इस दशक में भारत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जो भी कर रहा है, वह 21वीं सदी में हमारी क्षमता की नींव बनेगा।” उन्होंने कहा कि भारत में चिप का निर्माण होने से हमारे आधुनिक उपकरणों के उत्पादन के लिए देश को अब दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कोविड-19 महामारी के दौरान चिप की आपूर्ति बाधित हुई, तो कारखाने ठप पड़ गए और वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं लड़खड़ा गईं। भारत ने उस संकट से सबक लिया और उसे एक अवसर में बदल दिया। हमने चिप विनिर्माण के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया और इसके लिए हम देश में एक संपूर्ण ‘सेमीकंडक्टर परिवेश’ तैयार कर रहे हैं।”
एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन का संयुक्त उद्यम ‘इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड’ ग्रेटर नोएडा के जेवर में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अंतर्गत एक ‘आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट’ (ओसैट) संयंत्र स्थापित करेगा। एचसीएल और फॉक्सकॉन की यह संयंत्र प्रौद्यागिकी के लिए एक ‘शक्ति के केंद्र’ के रूप में उत्तर प्रदेश की पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश से सांसद के रूप में अपनी भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश का सांसद होने के नाते, यह मेरे लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। यह सेमीकंडक्टर संयंत्र उत्तर प्रदेश और पूरे भारत के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा।” प्रधानमंत्री ने इस बात को स्वीकार किया कि भले ही भारत ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अपनी यात्रा थोड़ी देरी से शुरू की है, लेकिन अब यह अत्यंत तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने तेल और प्रौद्योगिकी के बीच के ऐतिहासिक बदलाव का जिक्र करते हुए कहा, “20वीं सदी में जिन देशों के पास तेल था, उनके पास समृद्धि और शक्ति थी। लेकिन 21वीं सदी में यह शक्ति एक छोटी सी ‘चिप’ में समाहित है। अब शक्ति का केंद्र वे कौशल और सामग्रियां हैं, जो इस चिप से जुड़ी हुई हैं।” इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड 60:40 हिस्सेदारी वाला एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन का संयुक्त उपक्रम है। इस उन्नत ओसैट संयंत्र का परिचालन वर्ष 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी ने अगले कुछ वर्षों में इस परियोजना पर 3,700 करोड़ रुपये निवेश की योजना बनाई है।
इस निवेश से 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। इसके साथ ही स्थानीय आपूर्ति शृंखला के विकास और सेमीकंडक्टर मूल्य शृंखला में पारिस्थितिकी भागीदारों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। इस संयंत्र में प्रति माह 20,000 वेफर यानी सिलिकॉन प्लेट के प्रसंस्करण की क्षमता होगी। इस इकाई का भारत की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने और आत्मनिर्भर, सुदृढ़ सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने का इरादा है।
इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के एक ‘शक्ति-केंद्र’ के रूप में स्थापित किया है। भारत अब इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात करने वाले दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल हो गया है। इस संयंत्र से हर महीने 3.6 करोड़ चिप का उत्पादन होगा। आप जो डिजिटल स्क्रीन देखते हैं, उनका ‘दिमाग’ (चिप) अब जेवर में तैयार किया जाएगा।



