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96 लाख इकाइयों से रोजगार का नया रिकॉर्ड, गांव-गांव तक पहुंचा स्वरोजगार

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उत्तर प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों के साथ अब यह देश का सबसे बड़ा औद्योगिक हब बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों ने लाखों लोगों को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर दिया है। आसान ऋण, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्धता जैसी सुविधाओं ने छोटे उद्योगों को नई पहचान दी है।

योजनाओं से लाखों को मिला रोजगार

प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कई योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1.47 लाख से अधिक युवाओं को लाभ मिला, जिससे 4.51 लाख रोजगार सृजित हुए। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के जरिए 37 हजार से अधिक लाभार्थियों को आर्थिक सहायता दी गई, जिससे करीब तीन लाख लोगों को रोजगार मिला। इसी तरह प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 32 हजार से अधिक लाभार्थियों को सहयोग देकर 2.63 लाख रोजगार के अवसर पैदा किए गए।

ओडीओपी से वैश्विक पहचान

वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना ने प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया है। इस योजना के तहत 20 हजार से अधिक लोगों को आर्थिक सहायता दी गई, जिससे 3.26 लाख रोजगार सृजित हुए। साथ ही विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के जरिए 4.20 लाख से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरण देकर सशक्त बनाया गया है।

‘एक जनपद एक व्यंजन’ से बढ़ेगा दायरा

सरकार अब ‘एक जनपद एक व्यंजन’ पहल के जरिए स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों को पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रही है। इससे रोजगार और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नई योजनाओं से मजबूत होगा औद्योगिक ढांचा

प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 2023 में प्लेज स्कीम लागू की गई है, साथ ही नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। हर जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इनसे स्थानीय स्तर पर उद्योगों का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी की ओर कदम

प्रदेश सरकार एमएसएमई सेक्टर को ग्लोबल सप्लाई चेन से जोड़ने, निर्यात बढ़ाने और तकनीकी उन्नयन पर जोर दे रही है। आने वाले समय में यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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