ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को एक शुभ ग्रह माना जाता है। बुध ग्रह मिथुन एवं कन्या राशि के स्वामी हैं। बुध ग्रह सूर्य और शुक्र के साथ मित्र भाव से तथा चंद्रमा से शत्रुतापूर्ण और अन्य ग्रहों के प्रति तटस्थ रहता है। वैदिक ज्योतिष में बुध देव को वाणी, बुद्धि और व्यापार का दाता कहा जाता है। मान्यता है जिन लोगों की कुंडली में बुध देव की स्थिति सकारात्मक होती है। बुध ग्रह कि शुभ स्थिति जातक को व्यवहारिक, वाक्पटु बनती है जो उनके जीवन में अच्छे परिणाम लेकर आते हैं। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार 11 अप्रैल से बुध अपनी नीच राशि मीन में गोचर करेंगे। इस दौरान बुध कमजोर अवस्था में रहेंगे। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब भी कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है, तो उसका सीधा प्रभाव पृथ्वी और मानव जीवन पर पड़ता है। इसलिए बुध का गोचर सभी राशियों के जातकों के आर्थिक विकास पर भी काफी पड़ता है। बुध के मीन राशि में गोचर करते ही राशि के जातकों को अच्छा धनलाभ हो सकता है।
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि बुध गोचर मीन राशि में 11 अप्रैल को होने जा रहा है। बुध कुंभ राशि से निकलकर गुरु की राशि मीन में प्रवेश करने जा रहे हैं। 30 अप्रैल तक बुध मीन राशि में ही गोचर करेंगे। बुध के लिए मीन राशि नीच राशि मानी गई है। नीच राशि में आने पर बुध कमजोर अवस्था में आ जाते हैं। बुध बुद्धि और वाणी का कारक है इसलिए इसके राशि परिवर्तन से व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता में स्पष्ट बदलाव देखने को मिलता है। इस गोचर के दौरान जहां कुछ लोग अधिक संवेदनशील हो सकते हैं वहीं कुछ लोगों को निर्णय लेने में कठिनाई महसूस होगी।



