लेकिन ऑनलाइन Media के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन Media के लिए नियामक ढांचा कैसे बनाया जाए इसके लिए एक समिति का गठन किया जा रहा है।
जबकि Print Media के लघु एवं मध्यम वर्ग को तबाह करने के लिए सरकार ने प्रिन्ट मीडिया पॉलिसी-2016 को लागू करके अपना चाबुक चलाना शुरू कर दिया है। आश्चर्य की बात यह हेै कि ये पॉलिसी किसी भी अधिनियम के तहत नहीं बनाई गई है।
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