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GST से जुड़े मसले वित्त मंत्री की बैठक में

GST से जुड़े मसलों के साथ उद्योग मंडलों और निर्यातकों ने वित्त मंत्री,अरुण जेटली के साथ बैठक की।

बैठक में GST (माल एवं सेवा कर) से संबंधित मुद्दों को रखा गया। निर्यातकों के शीर्ष संगठन फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (फियो) के अध्यक्ष गणेश गुप्ता ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मंत्री ने हमारी बातों को सहानुभूतिपूर्वक सुना और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने हमारी सभी बातों को सकारात्मक रूप से लिया।’’

फियो ने वस्तु निर्यातकों को GST से छूट देने और कर वापसी (रिफंड) प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग की। साथ ही एकीकृत GST (आईजीएसटी) तथा केंद्रीय GST (सीजीएसटी) के भुगतान के लिये निर्यात लाभ पावती पत्र (स्क्रिप) के उपयोग की अनुमति देने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘खासकर छोटे निर्यातक जीएसटी से प्रभावित हुए हैं क्योंकि उन्हें जीएसटी के भुगतान के लिये कर्ज लेना पड़ा। कर्ज की लागत से उन पर प्रतकूल प्रभाव पड़ा है। सरकार को निर्यातकों के लिये ‘ई-वालेट’ पेश करने पर विचार करना चाहिए।’’ व्यापारी खासकर लघु एवं मझोले उद्यम रिटर्न फाइल करने में समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इससे उन पर अनुपालन बोझ बढ़ रहा है।
रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्द्धन परिषद के चेयरमैन प्रवीण शंकर पांड्या ने कहा कि क्षेत्र समस्याओं का सामना कर रहा है क्योंकि निर्यात घट रहा है। वे आभूषण तैयार करने और निर्यात मकसद से नामित एजेंसियों से मूल्यवान धातु की खरीद पर आईजीएसटी से छूट की भी मांग कर रहे हैं। पांड्या ने कहा, ‘‘छोटी कंपनियां ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। कुछ ने अपना उत्पादन भी घटाया है। हमने अनुपालन का मुद्दा उठाया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें मंत्री से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। वे हमारी मांगों को जीएसटी परिषद के समक्ष रखेंगे।

इंस्टीट्यूट आफ कंपनी सेक्रेटरीज आफ इंडिया’ (आईसीएसआई) काउसिंल के सदस्य सतविन्दर सिंह ने कहा कि ‘रिवर्स’ शुल्क व्यवस्था तथा कर वापसी के मुद्दे को बैठक में उठाया गया। बैठक में केपीएमजी, सीआईआई, फिक्की, रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्द्धन परिषद, लघु उद्योग भारती, जीएसटी सर्विस प्रदाता, आईसीएसआई, भारतीय सनदी लेखाकर संस्थान और आमजन के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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