
Ganga की रक्षा करना सरकार का नहीं हम सब की जिम्मेदारी
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वाराणसी, । Ganga सनातन धर्म का प्रतीक और हम सबकी मां है। सिर्फ सरकार के भरोसे इसको स्वच्छ करना ठीक नहीं, हम सबकी भागीदारी अहम है। यह बात आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही। उन्होंने कहा कि Ganga और यमुना नदी को तो उत्तर प्रदेश की जीवन दायिनी माना जाता है।
यदि इन दोनों नदियों में जरा भी संकट आया तो यूपी रेगिस्तान हो जाएगा। सीएम ने लोगों को समझाते हुए कहा कि गंगा में पूजा का सामान न डालकर इसे प्रदूषित न करें, बल्कि Ganga किनारे कुंड बनाकर उसमें पूजा करें। वह बीएचयू में आयोजित ‘स्वच्छ गंगा सम्मेलन’ में बोल रहे थे
बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सभी नदियों की हालत बेहद खराब है। Ganga तथा यमुना नदी को तो उत्तर प्रदेश की जीवनदायिनी माना जाता है।
यमुना नदी दिल्ली, आगरा तथा मथुरा में बेहद गंदी है। यदि उत्तर प्रदेश में Ganga तथा यमुना नदी पर जरा भी संकट आया तो उत्तर प्रदेश रेगिस्तान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल दोहन का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। हमको नदियों की हर हाल में रक्षा करनी होगी। इसके प्रयास में सौ फीसदी ईमानदार रहना होगा।
मुख्यमंत्री कहा कि ’सन 1985 में गंगा एक्शन प्लान लाया गया, लेकिन तमाम रिपोर्ट बताती हैं कि इस प्लान के बाद गंगा और भी ज्यादा मैली हुई हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में पूरे देश का पेट भरने की क्षमता रखता है। इसके लिए पहले हमको नदियों की रक्षा करनी होगी। हम गंगा व यमुना के किनारे वृक्ष लगाकर तटबंधों की रक्षा कर पाएंगे।
वाराणसी में स्वच्छ गंगा सम्मेलन में 1100 से ज्यादा ग्रामों के प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी भाग ले रहे हैं। सीएम योगी ने उन्हें सम्बोधित करते हुए कहा कि गंगा नदी निर्मलीकरण योजना को धरातल पर लाएं। आप सभी पर सबसे बड़ा दायित्य है।
उन्होंने कहा कि हम लोग नदियों में गंदगी फेंकने के साथ ही पैसे भी फेंकते हैं। पैसा गरीबों को दें, इसको गंगा या अन्य नदी में न डालें। गंगा में पूजा का सामान न डालकर इसे प्रदूषित न करें, बल्कि गंगा किनारे कुंड बनाकर उसमें पूजा करें।
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