उत्तराखंड

श्री बदरीनाथ धाम यात्रा का समापन

श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ एवं योग बदरी पांडुकेश्वर में शीतकालीन पूजायें शुरू हुई।

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श्री बदरीनाथ धाम यात्रा 2024

• योग बदरी पांडुकेश्वर से आदि गुरु शंकराचार्य जी की पावन गद्दी श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ पहुंची।

• गढ़वाल स्काट जोशीमठ सेंटर स्थित मां भुवनेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल हुए रावल , धर्माधिकारी, वेदपाठी।

• *योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में आज 19 नवंबर से शीतकालीन पूजाएं शुरू हुई।*

पांडुकेश्वर/ जोशीमठ 19 नवंबर। विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बीते रविवार 17 नवंबर रात्रि को शीतकाल हेतु बंद होने के बाद आज मंगलवार प्रात: सेना के बैंड के भक्तिमय धुनों तथा बदरी विशाल के उदघोष के साथ आदि गुरु शंकराचार्य जी की पवित्र गद्दी आज दोपहर बाद योग बदरी पांडुकेश्वर से समारोह पूर्वक गद्दीस्थल श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ मंदिर पहुंच गयी है।इस अवसर पर श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ को भब्य रूप से फूलों से सजाया गया था। इसी के साथ इस यात्रा वर्ष की श्री बदरीनाथ धाम यात्रा का समापन हो गया है।

देव डोली का ग्रीफ केंप सहित स्थान -स्थान पर श्रद्धालुओं द्वारा भब्य स्वागत हुआ।ज्ञातब्य उद्धव जी एवं कुबेर जी शीतकाल में पांडुकेश्वर प्रवास करेंगे तथा बीते सोमवार 18 नवंबर को पांडुकेश्वर प्रवास के बाद आज मंगलवार 19 नवंबर को आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी रावल, धर्माधिकारी वेदपाठी सहित श्रद्धालुजन श्री नृसिह मंदिर जोशीमठ पहुंच गये ।

आज प्रात: दस बजे आदि गुरु शंकराचार्य जी की पवित्र गद्दी को बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने योग बदरी पांडुकेश्वर से श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ के लिए रवाना किया।
आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी के साथ रावल अमरनाथ नंबूदरी, स्वामी मुकुंदानंद महाराज,सहित बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान वेदपाठी रविंद्र भट्ट, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी , स्वामी आत्मानंद नृसिंह मंदिर जोशीमठ पहुंचे।

श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/ प्रभारी अधिकारी गिरीश चौहान ने आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी तथा आगंतुक अतिथियों की अगवानी की।
इसके बाद श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ परिसर में रावल, धर्माधिकारी वेदपाठी ब्राह्मणों संतों ने श्री गणेश भगवान श्री नृसिंह का आव्हान कर यात्रा समापन पूजा संपन्न की

इससे पहले सीमा सड़क संगठन ( बीआरओ) केंप में प्रभारी सेनानायक सीआर मीना सहित सभी जवानों अधिकारियों ने आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी के दर्शन किये तथा रावल को पालकी में बिठाकर केंप तक ले गये तथा भब्य स्वागत किया इस अवसर पर रावल, धर्माधिकारी, वेदपाठी ने बीआरओ के योगदान को सराहा एवं साधुवाद दिया।इसके अलावा स्वामी धरनीधर महाराज आश्रम मारवाड़ी तथा श्रद्धालुओं ने अपने प्रतिष्ठान में देव डोली का पुष्प वर्षा से स्वागत किया।

इसके पश्चात रावल अमरनाथ नंबूदरी सहित धर्माधिकारी वेदपाठी, मंदिर समिति के अधिकारी गढ़वाल स्काट जोशीमठ स्थिति मां भुवनेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल हुए तथा रेजीमेंट को भगवान बदरीविशाल का आशीष प्रदान किया इस अवसर पर सेनानायक कर्नल शांतनु वौरी, सुबेदार मेजर नारायण सेना पंडित वीके दुबे सहित गढ़वाल स्काट के अधिकारी एवं समस्त जवान मां भुवनेश्वरी तथा भगवान बदरीविशाल की पूजा में शामिल हुए।

श्री उद्धव जी एवं कुबेर जी शीतकाल में योगबदरी पांडुकेश्वर प्रवास करेंगे तथा आदि गुरु शंकराचार्य जी की पावन गद्दी आज मंगलवार 19 नवंबर को योग बदरी पांडुकेश्वर से प्रस्थान कर दोपहर बाद श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ स्थित गद्दी स्थल पहुंची इसी के साथ योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में शीतकालीन पूजायें भी शुरू हो गयी ।

आज श्री नृसिंह मंदिर में आदि गुरु शंकराचार्य जी की डोली के स्वागत अवसर पर म बड़ी संख्या में श्रद्धालु तथा देव पुजाई समिति के सदस्य मंदिर समिति अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

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