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Akhilesh Yadav सपा के निर्विरोध अध्यक्ष बने

AKhilesh Yadav, आगरा में गुरूवार को आयोजित समाजवादी पार्टी के दसवें राष्ट्रीय अधिवेशन में निर्विरोध रूप से अध्यक्ष निर्वाचित किये गये हैं।  AKhilesh Yadav का कार्यकाल पांच साल का होगा। अखिलेश दूसरी बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए हैं। तमाम चर्चाओं के बावजूद सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव अधिवेशन में शामिल नहीं हुये। अधिवेशन में देश भर से करीब 15 हजार पार्टी डेलिगेट्स हिस्सा ले रहे हैं।

समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन गुरुवार को आगरा में हुआ। इसमें Akhilesh Yadav को पार्टी का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। अखिलेश ने मुलायम सिंह यादव को अधिवेशन में आने का न्योता दिया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। पार्टी सूत्रों और मीडिया के हवाले से पहले खबरें आ रही थी कि वे पहुंच सकते हैं।

बताते चलें कि समाजवादी पार्टी के दोबारा निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष AKhilesh Yadav के नाम पर दोबारा मुहर 21 महीने बाद लगी है। अखिलेश पहली बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एक जनवरी 2016 को बने थे। तब सपा महासचिव रामगोपाल यादव द्वारा बुलाए गए राष्ट्रीय अधिवेशन में मुलायम सिंह को समाजवादी पार्टी के संरक्षक की भूमिका दी गई थी। वहीं, झगड़े की जड़ माने जा रहे राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह को पार्टी से निकाल दिया गया थाl जबकि शिवपाल यादव को सपा के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।

गौरतलब है कि 4 नवंबर 1992 को जब समाजवादी पार्टी की स्थापना हुई थी, उस वक्त से ही मुलायम सिंह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। पिछले 15 महीने से यादव परिवार में झगड़ा चल रहा है। यह सही में झगड़ा है अथवा किसी कहानी की पटकथा कहना मुश्किल है। शिवपाल द्वारा कोई किसी भी प्रकार का कदम ना उठाना यह संकेत देता है कि कुछ ना कुछ तो ऐसा है कि जिसे समझने में मीडिया को भी वर्षों लगेंगे और अन्दरखाने शिवपाल को भी। दरअसल मुलायम सिंह के दिमाग में क्या है, और वे करते क्या हैं, ये समझना बड़ी टेढी खीर है।

समाजवादी पार्टी में फूट के बाद दो गुट बन गए हैं। एक गुट मुलायम और उनके छोटे भाई शिवपाल यादव का है, तो दूसरा गुट अखिलेश और मुलायम के चचेरे भाई रामगोपाल यादव का है।
लखनऊ ब्यूरो के साथ इनपुट आगरा ब्यूरो

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