
LPG संकट पर Akhilesh Yadav का BJP पर तंज, ‘एक कचौरी, एक समोसा… अब Gas पर नहीं भरोसा’
समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को पश्चिम एशिया संकट के चलते एलपीजी की कमी की खबरों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों ने नागरिकों, विशेषकर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों पर बोझ डाला है और उन्हें कठिनाइयों में धकेल दिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने कतारों के सिवा कुछ नहीं दिया। उनका जो भी फैसला होता है, उससे मैं, आप और हर कोई एक कतार में खड़ा हो जाता है। लेकिन इस बार जनता ने भी ठान लिया है कि कतार में खड़े होकर ही वे उन्हें हराएंगे। और इसीलिए वे सार्वजनिक स्थानों पर स्नेह प्रदर्शन से डर रहे हैं।
अखिलेश ने आगे कहा कि एक कचौरी, एक समोसा अब गैस पर भरोसा नहीं रहा और एलपीजी को ‘लपाता गैस’ करार दिया। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी की सामाजिक मुद्दों की समझ की आलोचना करते हुए कहा कि जो लोग एआई का पूरा नाम ही नहीं जानते, वे पीडीए को कैसे समझेंगे? वे पीडीए के दर्द और पीड़ा को कैसे समझेंगे? वे उनके अपमान को कैसे समझेंगे? वे उनकी परेशानियों को कैसे समझेंगे? पीड़ा जितनी बढ़ेगी, पीडीए उतना ही बढ़ता रहेगा।
यादव ने आगे कहा कि उनकी पार्टी पीडीए के मुद्दे पर लोगों को एकजुट करने के लिए काम कर रही है, और कहा कि इसलिए, पीडीए के लोगों को सम्मान दिलाने के लिए, हम समाजवादी लोग पीडीए के लोगों को एकजुट करके आगे बढ़ रहे हैं। भाजपा की चुनावी रणनीतियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि शायद यह दुनिया की पहली राजनीतिक पार्टी है जो किसी की छवि को धूमिल करने के लिए पैसा खर्च करती है। भारतीय जनता पार्टी के लोग छवि खराब करने के लिए अरबों रुपये खर्च कर रहे हैं। और लोगों से अपनी प्रशंसा पाने के लिए वे प्रोत्साहन राशि बांट रहे हैं। प्रोत्साहन राशि खत्म होते ही लोग प्रशंसा करना बंद कर देंगे।
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कल्याणकारी उपायों की एक लंबी सूची प्रस्तुत की और महिला आरक्षण तथा जाति आधारित अधिकारों पर पार्टी के रुख को दोहराया। यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी का यह निर्णय आधी आबादी के लिए है। जहां भी समाजवादी पेंशन योजना शुरू होगी, वहां लैपटॉप दिए जाएंगे और साथ ही गरीब परिवारों को सम्मान के प्रतीक के रूप में 40,000 रुपये देने की योजना भी शुरू की जाएगी। सम्मान समृद्धि योजना और स्त्री सम्मान योजना को समाजवादी सरकार के कार्यकाल में ही लागू किया जाएगा।



