मैनुअल की रूपरेखा तैयार करने वाले पूर्व Aides-De-Camp मेजर शरत नांबियार ने कहा कि मैनुअल का लोकार्पण उनके लिए विशेष महत्व रखता है। इसकी प्रेरणा उन्हें पूर्व प्रमुख सचिव श्री राज्यपाल राजीव कपूर से मिली थी। उन्होंने कहा कि इस मैनुअल में आने वाले वर्षों में आवश्यकतानुसार संशोधन होते रहेंगे।
मैनुअल के संकलनकर्ता पूर्व Aides-De-Camp गौरव सिंह ने कहा कि प्रक्रिया को सुधारने और लिपिबद्ध करने की प्रेरणा राज्यपाल द्वारा मिली है। यह संग्रह उसी मार्गदर्शन का एक भाग है। उन्होंने कहा कि मैनुअल द्वारा राजभवन की परम्पराओं को नई ऊंचाईयों तक ले जाने में सहायता मिलेगी।
एडीसी, स्क्वाड्रन लीडर, प्रवीण भौरिया ने कहा कि वे वायु सेना में पेशे से इंजीनियर हैं। उन्होंने अनेक भूमिकाओं में फील्ड में काम किया है। परन्तु शासकीय कार्य का अनुभव नहीं था।
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