PM मोदी के जनसेवा के 25 साल पूरे, राजनाथ सिंह-CM योगी ने दी बधाई; बताया ‘राष्ट्र प्रथम’ का सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुआ उनका प्रशासनिक सफर अब देश के प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार जारी है। इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी। दोनों नेताओं ने उनके नेतृत्व को सुशासन, जनकल्याण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
राजनाथ बोले- ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ रहा मूल मंत्र
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 13 वर्ष और देश के प्रधानमंत्री के तौर पर 12 वर्षों से राष्ट्रसेवा की है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पूरी राजनीतिक यात्रा का मूल मंत्र ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ रहा है। उनके मुताबिक, मोदी के नेतृत्व में करोड़ों लोगों को घर, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, गैस कनेक्शन और बैंकिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिला।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा मजबूत हुई है तथा युवाओं के लिए रोजगार, स्टार्टअप और नवाचार के नए अवसर तैयार हुए हैं। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष का यह पड़ाव प्रधानमंत्री की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, पूर्ण विराम नहीं।
CM योगी बोले- ‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा’ रहा पीएम मोदी का ध्येय
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने इसे गौरव का अवसर बताते हुए कहा कि पीएम मोदी का जीवन ‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा’ के सिद्धांत को समर्पित रहा है।
वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष उनके दृढ़ संकल्प, अटूट प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के अथक प्रयासों से देश ने एक ऐसे नए भारत को देखा है, जो सुरक्षित और आत्मनिर्भर है तथा वैश्विक मंच पर मजबूती से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुआ सफर
नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली थी। उस समय गुजरात भूकंप और कई प्रशासनिक चुनौतियों से गुजर रहा था। इससे पहले उन्होंने संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। 1987 में गुजरात भाजपा के महासचिव, 1995 में राष्ट्रीय सचिव और 1998 में राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) की जिम्मेदारी संभालने के बाद वह गुजरात के मुख्यमंत्री बने और मई 2014 तक इस पद पर रहे।
इसके बाद मई 2014 में नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला। बीते 25 वर्षों में उनके नेतृत्व से जुड़ी डिजिटल गवर्नेंस, जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विस्तार जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए समर्थकों ने इसे देश में व्यापक बदलाव का दौर बताया है।
इस दौरान भारत ने ‘ग्लोबल साउथ’ के मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रमुखता से उठाया। प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक पद पर 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी लगातार 25 वर्षों तक संवैधानिक पद पर रहते हुए देश को दिशा देने के लिए उन्हें बधाई प्रस्ताव पारित किया है।



